Jabalpur News : विस्फोट से दहला शहर का बड़ा हिस्सा, 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी आवाज

मौके पर मौजूद पुलिस अब यह पता करने में जुटी हुई है कि जिस समय यह हादसा हुआ उसे समय कबड़खाने में कितने लोग मौजूद थे। कबाड़ी शमीम खान का कहना है कि विस्फोट कैसे हुआ इसकी जानकारी नहीं लग पाई है। घटना के समय कुल कितने कर्मचारी काम कर रहे थे यह नहीं पता है।
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Jabalpur News :  जबलपुर में आज एक विस्फोट की आवाज से दहशत का माहौल पैदा हो गया, विस्फोट की आवाज करीब 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची और हालात पर काबू किया, विस्फोट एक कबाड़ख़ाने में हुआ था।

कबाड़ख़ाने में विस्फोट, दहला इलाका 

अधारताल थाना के खजरी खिरिया बाईपास के पास स्थित एक कबाड़खाने में जबरजस्त विस्फोट हुआ। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर तक उसकी आवाज सुनाई दी। घटना के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, इसके अलावा एंबुलेंस भी बुलाया गया। बताया जा रहा हैं कि यह कबाड़खाना शमीम कबाड़ी का हैं।

5 किलोमीटर दूर तक महसूस हुई धमक 

बताया जा रहा है कि जिस समय यह विस्फोट हुआ उसकी धमक करीब 5 किलोमीटर दूर तक फैली थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस समय कबड़खाने में विस्फोट हुआ उसे समय कुछ कर्मचारी काम भी कर रहे थे। इधर पुलिस का कहना है कि इस हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है। जिस जगह कभी बड़ा कबाड़ा थाना था वहां पर आज एक मैदान बन गया है।

कबाड़ख़ाने में कितने लोग थे पता करने में जुटी पुलिस 

मौके पर मौजूद पुलिस अब यह पता करने में जुटी हुई है कि जिस समय यह हादसा हुआ उसे समय कबड़खाने में कितने लोग मौजूद थे। कबाड़ी शमीम खान का कहना है कि विस्फोट कैसे हुआ इसकी जानकारी नहीं लग पाई है। घटना के समय कुल कितने कर्मचारी काम कर रहे थे यह नहीं पता है।

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जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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