Jabalpur News: नेहा पच्चीसिया मामले में एमपी हाई कोर्ट में हुई सुनवाई, अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा

मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा मुख्य फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और कागजी खरीदार मारूफ अहमद हनफी भी आरोपी हैं।
CSP Neha Pachisia MP High Court Case

CSP Neha Pachisia MP High Court Case

कटनी जिले में पदस्थ रही फरार सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजाय खटखटाया है। नेहा ने अपने खिलाफ हुई एफआईआर को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। सीएसपी नेहा का कहना है उसके खिलाफ जो भी आरोप लगाए जा रहे है, वह पूरी तरह से झूठे है और उसे फंसाया गया है।

इधर प्रासिक्यूशन ने नेहा पच्चीसिया के खिलाफ पर्याप्त भ्रष्ट्राचार के सबूत होने का दावा किया है। बुधवार को मामले पर हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है, जो कि जल्द ही आ सकता है। सरकार की ओर से कोर्ट में दलील दी गई है कि नेहा अभी फरार है, लिहाजा उनके खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनकर सुनवाई पूरी कर ली है।

MPPSC में 20वीं रैंक लाकर बनीं पुलिस अफसर 

एयर इंडिया की एयर होस्टेस से पुलिस अफसर बनीं नेहा पच्चीसिया आज FIR और सस्पेंशन के बाद चर्चा में हैं। MPPSC में 20वीं रैंक लाकर पुलिस सेवा में आईं और कटनी की CSP बनीं नेहा पर पहले ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली की शिकायत हुई, फिर हत्या के एक केस में लापरवाही और जमीन के सौदे में गड़बड़ी के आरोप सामने आए।

खारिज  हो चुकी अग्रिम जमानत याचिका 

इससे पहले जमीन सौदेबाजी और पद के दुरुपयोग के बहुचर्चित मामले में निलंबित और फरार नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया को जिला अदालत से बड़ा झटका लग चुका है। जिला एवं सत्र न्यायालय कटनी के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उनके वकील की ओर से दायर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

नेहा के अलावा दो अन्य साथी भी फरार  

मामले में नेहा पच्चीसिया के अलावा मुख्य फाइनेंसर क्षितिज राज बारापात्रे और कागजी खरीदार मारूफ अहमद हनफी भी आरोपी हैं। कुठला थाने में मामला दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपी फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक आरोपी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।

एफआईआर दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी, पुलिस की अलग-अलग टीमें और साइबर सेल लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

वंदना झा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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