पुलिसकर्मियों के परिजनों का हौसला बढ़ाने घर-घर पहुंचे आईजी

पुलिसकर्मियों के परिजनों का हौसला बढ़ाने घर-घर पहुंचे आईजी

जबलपुर| संदीप कुमार| कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस के कर्मचारी और अधिकारी 24 घंटे मैदान में तैनात हैं। ऐसे में यह पुलिस कर्मचारी अपने परिवार वालों से बहुत ही कम समय के लिए मिल पाते हैं। यही वजह है कि ऐसी स्थिति को देखते हुए आज जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक भगवत सिंह चौहान पुलिस कर्मचारियों के परिवार वालों का हौसला बढ़ाने के लिए उनके घर पहुंचे।इस दौरान जबलपुर रेंज के आईजी भगवत सिंह चौहान के साथ डीआईजी मनोहर वर्मा, एसपी अमित सिंह भी मौजूद थे।

आईजी पुलिस कर्मचारियों के परिवारजनों के साथ मुलाकात करते हुए उन्हें मास्क और सैनिटाइजर भी वितरित कर रहे थे साथ ही आईजी भगवत सिंह चौहान ने कर्मचारियों के परिवारजनों से उनका हालचाल भी जाना। आईजी भगवत सिंह चौहान ने हाथ जोड़कर सभी से निवेदन किया है कि वर्तमान में फैले कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए सभी लोग अपने अपने घरों पर ही रहे और जरूरत पड़ने पर अगर घर से बाहर निकलते हैं तो मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करें।आईजी चौहान की माने तो इस समय पुलिसकर्मी ज्यादातर समय मैदानी अमले में तैनात है और वह अपने परिवार वालों को कम समय ही दे पा रहे हैं इसी के चलते वह आज पुलिस कर्मचारियों के परिवार जनों से मुलाकात करने के लिए शहर में निकले हैं। आईजी भगवत सिंह चौहान अब रोजाना हर थाना क्षेत्र में जाकर वहां रह रहे पुलिसकर्मी के परिवार वालों से मुलाकात कर उनका हौसला अफजाई करेंगे।हम आपको बता दे कि जबलपुर में बीते 21 मांर्च से ही कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए लॉक डाउन लगा है और तभी से पुलिसकर्मी ज्यादातर समय मैदानी अमले में तैनात हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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