
जबलपुर।संदीप कुमार।
कोरोना वायरस के चलते जबलपुर में बीते छह दिनों से लॉकडाउन है। जो जहाँ है वो वही का होकर रह गया है।लोग भूख से बेहाल है और प्रशासन झूठे दावे में जुटा हुआ है। ऐसे में शहर के सामाजिक संगठन और समाजसेवी परेशान लोगो की मदद करने में जुटे हुए है।
समाजसेवी सोनू दुबे ने बताया कि वह किसी काम से जबलपुर शहर जा रहे थे तभी उन्हें सूचना मिली कि कुछ लोग पैदल कुंडम जा रहे है। इनके साथ बूढे और बच्चे भी है।जानकारी लगते ही सोनू दुबे रांझी पहुँचे।सबसे पहले उन्होंने 25 से ज्यादा लोगो को अपने हाथों से मास्क बांधा और उनसे जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि वह पाटन के पास एक बिल्डिंग में काम कर रहे थे।कोरोना वायरस के चलते लगे कर्फ्यू में वो लोग छह दिन से फसे है उनके पास जो कुछ खाने पीने का सामान था वो कल खत्म हो गया ज़िला प्रशासन से भी कुछ मदद नही मिली लिहाजा अपने गाँव के लिए पैदल ही रवाना हो गए।
पहले करवाया भरपेट भोजन,फिर वाहन से करवाया रवाना
समाजसेवी सोनू दुबे को ग्रामीणों ने बताया कि वह लोग पैदल कुंडम जा रहे है।यह सुनते ही सभी के लिए खाने पीने की व्यवस्था की गई।सभी ग्रामीणों को भरपेट खाना खिलाया गया और बाद में किराए का वाहन कर सभी को कुंडम के लिए रवाना किया गया।
महामारी में स्थानीय नेताओं ने नहीं ली सुध
कोरोना वायरस ने पूरे देश मे हाहाकार मचा कर रखा है लोग परेशान है ऐसे में स्थानीय नेता चाहे वो भाजपा के हो या फिर कांग्रेस ने किसी ने भी मदद के लिए हाथ नही बढ़ाये है। समाजसेवी सोनू दुबे की माने तो ऐसी महामारी के समय उन नेताओं को आगे आने की जरूरत है जो कि वोट के समय घर घर जाते है पर आज जब हर व्यक्ति पर संकट का समय है तो ये नेता अपने अपने घरों में बैठकर खुद को इस बीमारी से बचाने में जुटे हुए है।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

