लोकायुक्त पुलिस ने ग्राम पंचायत सचिव व उप सरपंच को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

लोकायुक्त पुलिस ने ग्राम पंचायत सचिव व उप सरपंच को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

Jabalpur Lokayukta Police Action : रिश्वत (Bribe) के खिलाफ लगातार कार्यवाही के बावजूद सरकारी अधिकारी कर्मचारी खौफ नहीं खा रहे, आज एक बार फिर रिश्वतखोर को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, गिरफ्तार कर्मचारी ग्राम पंचायत का सचिव है।

सचिव और उप सरपंच ने मांगी रिश्वत  

लोकायुक्त पुलिस जबलपुर से मिली जानकारी के मुताबिक ढीमरखेड़ा तहसील जिला कटनी में रहने वाले आवेदक गया प्रसाद ने एसपी कार्यालय में शिकायती आवेदन दिया था जिसमें ग्राम पंचायत बरोदा के सचिव ब्रजेश गौतम और उप सरपंच कुलदीप तिवारी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

PMGAY की राशि दिलाने की एवज में मांगी रिश्वत 

आवेदक गया प्रसाद ने लिखा कि प्रधानमंत्री ग्राम आवास योजना के तहत मिलने वाली राशि के भुगतान एवं मजदूरी की राशि दिलवाने के एवज में उक्त दोनों 20,000/- रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं । रिश्वत मांगे जाने की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने इसकी तस्दीक की और फिर शिकायत सही पाए जाने और इसक प्रमाण मिलने के बाद ट्रेप की योजना बनाई।

लोकायुक्त पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल 

लोकायुक्त पुलिस जबलपुर द्वारा दी गई समझाइश के बाद शिकायतकर्ता गया प्रसाद ने सचिव ब्रजेश गौतम को रिश्वत देने के लिए कहा, जवाब में सचिव ब्रजेश गौतम और उप सरपंच कुलदीप तिवारी ने गया प्रसाद को स्टेट बैंक बस स्टैंड के पास मिलने बुलाया।

रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया 

आरोपियों द्वारा स्थान बताये जाने के बाद लोकायुक्त ने लाल पावडर लगे नोट (20 हजार रुपये) देकर गया प्रसाद को भेजा और उसके पीछे छिपकर पूरी टीम भी कटनी बस स्टैंड पहुँच गई। निर्धारित जगह पर पहुंचने के बाद आवेदक गया प्रसाद ने जैसे ही रिश्वत की राशि 20,000/- रुपये सचिव ब्रजेश गौतम और उप सरपंच कुलदीप तिवारी को दी वहां पास में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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