लोकायुक्त पुलिस का एक्शन, सहायक पेंशन अधिकारी 10000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

फरियादी किशोर कुमार अपनी दूसरी पत्नी का पनाम पेंशन दस्तावेजों में नाम डलवाने के लिए सहायक पेंशन अधिकारी के कार्यालय के चक्कर काट रहा था और अधिकारी इसके लिए रिश्वत मांग रहा था। 
Jabalpur Lokayukta Action

रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पर कड़े एक्शन के निर्देश के बाद से घूसखोर एजेंसियों के निशाने पर हैं लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने आज एक बार फिर भ्रष्ट सरकारी सेवक को रिश्वत लेते रंगे हथ पकड़ा है, आरोपी एक पेंशन अधिकारी है जो रिटायर्ड कर्मचारी से रिश्वत ले रहा था।

जबलपुर लोकायुक्त पुलिस पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक किशोर कुमार नामक सेवानिवृत शासकीय कर्मचारी ने उनके एसपी ऑफिस में एक आवेदन दिया था जिसमें पेंशन कार्यालय में पदस्थ सहायक पेंशन अधिकारी पर रिश्वत मांगने के आरोप थे।

शिकायत में फरियादी किशोर कुमार झरिया ने बताया कि उसने अपने पेंशन दस्तावेजों में अपनी दूसरी पत्नी का नाम डलवाने के लिए पेंशन ऑफिस में आवेदन दिया था जहाँ पदस्थ सहायक पेंशन अधिकारी उन्हें दो महीने से चक्कर लगवा रहे थे और रिश्वत की मांग कर रहे थे।

सहायक पेंशन अधिकारी ने मांगी रिश्वत 

किशोर कुमार ने कहा कि सहायक पेंशन अधिकारी सतीश झा ने उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी जिसकी शिकायत उसने 7 नवम्बर को की थी, शिकायत मिलते ही लोकायुक्त पुलिस ने जांच शुरू की और रिश्वत मांगे जाने के प्रमाण मिलते ही ट्रैप प्लान की।

रिश्वत हाथ में आते ही लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा 

आज तय समय पर फरियादी किशोर कुमार के साथ लोकायुक्त जबलपुर की टीम पेंशन कार्यालय पहुंची, अन्दर जाकर किशोर कुमार ने सहायक पेंशन अधिकारी सतीश झा को रिश्वत की राशि 10 हजार रुपये दे दी, रिश्वत की राशि हाथ में आते ही लोकायुक्त पुलिस की टीम ने छापा मारा और उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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