मंडला-डिंडौरी में भारी बारिश से लबालब हुआ जबलपुर का बरगी बांध, खोले गए 9 गेट, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

2025 में बरगी बांध के गेट 6 जुलाई को खोले गए थे, उस दौरान भी बरगी बांध प्रबंधन ने 9 गेट दोपहर 12 बजे खुलते हुए पानी छोड़ा था।
Bargi Dam Jabalpur Full 9 gates opened

Bargi Dam Jabalpur Full 9 gates opened

भले ही जबलपुर जिले में कम बारिश हुई हो लेकिन पड़ोसी जिले मंडला-डिंडौरी में तेजी से हो रही बारिश के कारण बरगी बांध लबालब भर गया है, लिहाजा साल 2026 में पहली बार 18 अगस्त को आज सुबह साढ़े 11 बजे बरगी बांध के 9 गेट खोले गए है। गौरतलब है कि दिनांक 17 अगस्त की रात्रि 8 बजे बांध का जल स्तर 420.80 मीटर मापा गया, जिसके बाद निर्णय लिया गया कि बांध के 21 में से 9 गेट आज सुबह करीब 11 बजे खोल जाएंगे। वर्तमान मे बांध की जल उपयोगी क्षमता 2674 mcm (84.08%) है। बांध के गेट खुलने से पूर्व प्रबंधन ने अलर्ट जारी किया है।

बता दें वर्तमान मे बांध में पानी की आवक 1620 क्यूमेक (CUMEC) यानि (घन मीटर प्रति सेकंड, Cubic Meter per Second) है। जल भराव क्षेत्र में मौसम विभाग के पूर्वानुमान एवं वर्षा को देखते रखते हुए बांध के जल स्तर को नियंत्रित करने के लिये एक के बाद एक 9 गेट को 0.78m औसत ऊंचाई पर खोल कर 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जाए।

नर्मदा घाटों पर बढ़ा जलस्तर, दूर रहने की अपील   

प्रशासन के अनुसार बांध से पानी छोड़ने के बाद नर्मदा के घाटों पर 3 से 4 फुट पानी की बढ़ोत्तरी होगी। बांध में पानी की आवक के अनुसार जल की निकासी को कभी भी घटाया अथवा बढ़ाया जा सकता है। सभी से अपील की गई है कि नर्मदा के घाट और तटीय क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

2025 में भी खोले गए थे 9 गेट 

उल्लेखनीय है कि 2025 में बरगी बांध के गेट 6 जुलाई को खोले गए थे, उस दौरान भी बरगी बांध प्रबंधन ने 9 गेट दोपहर 12 बजे खुलते हुए पानी छोड़ा था। तब 21 में से 9 स्पिल-वे गेट औसतन 1.33 मीटर की ऊंचाई तक खोल दिए गए  और इनसे 52 हजार 195 क्यूसेक (CUSEC ) यानि (घनफुट पानी प्रति सेकेंड (Cubic foot per second) पानी छोड़ा गया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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