कोल माइंस के निगमीकरण का विरोध, कर्मचारियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

कोल माइंस के निगमीकरण का विरोध, कर्मचारियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

जबलपुर/संदीप कुमार

केंद्रीय संस्थानों के निजीकरण का दौर शुरू हो गया है, पहले रेलवे ने 109 ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपा और उसके बाद अब कोल माइंस का निगमीकरण (कॉर्पोरेटाइजेशन) किया जाना यह संकेत है कि आने वाले समय में देश के तमाम केंद्रीय संस्थान निजी हाथों में होंगे।

कोल माइंस के निगमीकरण होने का केंद्रीय सुरक्षा संस्थान के कर्मचारियों ने विरोध किया है। देश की 41 फैक्ट्रियों सहित जबलपुर की चारों फैक्ट्रियों में केंद्र सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। ऑडिनेंस फैक्ट्री खमरिया के बाहर भी कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। इन कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण की आड़ में केंद्र सरकार एक-एक करके तमाम सरकारी संस्थानों को निजी हाथों में सौंप रही है। केंद्र सरकार ने पहले 109 ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपा उसके बाद कोल माइंस और आने वाले में समय में यह देखा जा सकता है कि देश की वह केंद्रीय सुरक्षा संस्था ने जो कि सेनाओं को गन,गोला बारूद,वाहन बनाकर देती है वह भी निजी हाथों में चली जाएंगी। कर्मचारी नेता अरुण दुबे ने बताया कि अंग्रेजों के दौर से चली आ रही केंद्रीय सुरक्षा संस्थान जिससे की लाखों मजदूरों को रोजगार मिला है अब वह निजी हाथों में जाने को तैयार है। केंद्र सरकार ने जानबूझकर सुरक्षा संस्थानों की साख गिराई है जिससे कि यह तमाम फैक्ट्रियां निजी हाथों में चले जाएं यह सरकार का पूरी तरह से एक षड्यंत्र था।

केंद्र सरकार को कर्मचारियों की चेतावनी
कोल माइन्स को निगमीकरण करने के बाद अब कर्मचारियों का आक्रोश केंद्र सरकार के खिलाफ फूटने लगा है। जबलपुर में कर्मचारियों के द्वारा किए गए प्रदर्शन में सरकार को चेतावनी दी गई है कि अगर मोदी सरकार ने अपना निर्णय वापस नही लिया तो आने वाले समय मे देश की 41 सुरक्षा संस्थानों के साथ तमाम केंद्रीय संस्थान सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे।कर्मचारियों का आरोप है कि कोविड-19 जैसी महामारी के बीच केंद्रीय संस्थानों का निगमीकरण करना है बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।आज सभी फैक्ट्रियों में सरकार के इस आदेश का विरोध किया गया है और आने वाले समय में भी यह जारी रहेगा।

कोल माइंस व रेलवे से हो चुकी है सरकारी संस्थानों को निगमीकरण करने की तैयारी
निगमीकरण को लेकर केंद्र सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है पहले देश की करीब 109 ट्रेनों को निजी हाथों में सौंपने और उसके बाद अब कोल माइंस का निगमीकरण करना यह बता रहा है कि आने वाले समय में देश के तमाम सरकारी संस्थान निगमीकरण वितरण हो जाएंगे या निजी हाथों में सौंपा जाएंगे ऐसे में अब देखना यह होगा कि कर्मचारियों का यह विरोध केंद्र सरकार को कितना झुका पाता है।

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