नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन कांड का आरोपी सरबजीत सिंह मोखा 3 दिन की पुलिस रिमांड पर

नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन कांड का आरोपी सरबजीत सिंह मोखा 3 दिन की पुलिस रिमांड पर

जबलपुर, संदीप कुमार। नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) की खरीद फरोख्त में लिप्त सिटी अस्प्ताल संचालक सरबजीत सिंह मोखा को 3 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है। इससे पहले बुधवार को उसे पुलिस ने जिला कोर्ट (District Court) में पेश किया। इस दौरान भारी पुलिस बल के बीच सरबजीत सिंह मोखा को केंद्रीय जेल जबलपुर (Central Jail) से जिला कोर्ट लाया गया, पुलिस ने कोर्ट के सामने आवेदन रखा था कि उन्हें पूछताछ के लिए सरबजीत सिंह मोखा का पुलिस रिमांड चाहिए। इसके बाद अदालत ने सरबजीत सिंह मोखा को 3 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। बता दें कि सरबजीत सिंह का बेटा भी है 3 दिन की पुलिस रिमांड में है।

अरबपति बिल्डर और सिटी अस्पताल के मालिक सरबजीत सिंह मोखा को करीब दो सप्ताह बाद बुधवार को  केंद्रीय जेल जबलपुर से जिला कोर्ट में पेश किया गया। जबलपुर पुलिस ने कोर्ट के सामने आवेदन प्रस्तुत किया है कि नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन मामले में पूछताछ के लिए सरबजीत सिंह मोखा को पुलिस रिमांड में सौपा जाए। जिसे मानते हुए उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड में दे दिया गया है।

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वहीं अपने पिता सरबजीत सिंह मोखा के साथ नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) की खरीद फरोख्त में लिप्त हरकरण सिंह को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया था जहाँ कोर्ट ने उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पूछताछ के दौरान हरकरण सिंह के पास से दो टूटे हुए मोबाइल के पुर्जे मिले है जिसे उसने पाटन की पहाड़ी में तोड़कर छिपा दिया था। एसआइटी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अभी और कई तरह के खुलासे हो सकते है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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