पुलिस पिटाई से किसान की मौत के मामले में अब थाना प्रभारी भी सस्पेंड

पुलिस पिटाई से किसान की मौत के मामले में अब थाना प्रभारी भी सस्पेंड

जबलपुर|संदीप कुमार| बीते दिनों तिलहरी निवासी किसान को बेदर्दी से पीटने के मामले में अब पुलिसकर्मियों के बाद गोराबाजार थाना प्रभारी पर भी गाज गिरी है। जबलपुर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने टीआई दिलीप श्रीवास्तव को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया है।

पुलिस पिटाई से हुई थी किसान की मौत
शनिवार की रात जब बंशीलाल अपने खेत से घर जा रहा था तभी गोराबाजार थाना के पांच से छह पुलिसकर्मियों ने किसान की साथ जमकर मारपीट की थी इतना ही नही गंभीर हालत में उसे मौके पर छोड़कर पुलिसकर्मी चले गए थे।

3 दिन बाद ईलाज के दौरान हुई किसान की मौत.
पुलिस के द्वारा की गई बेदर्दी से पिटाई के चलते अस्पताल में किसान बंशीलाल ने दम तोड़ दिया था जिसके बाद कमलनाथ ने ट्वीट कर इसकी घोर निंदा की थी हालांकि दोषी पाँच पुलिसकर्मियों को तुरन्त ही निलंबित कर दिया था | वही आज थाना प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव को भी निलंबित कर वहां से हटा दिया है। इस मामले के सामने आने के बाद जिले के एसपी का भी तबादला किया जा चुका है|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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