राहुल गांधी मानहानि केस में हाईकोर्ट ने भोपाल MP MLA कोर्ट से रिकॉर्ड तलब किए, नोटिस जारी कर कार्तिकेय चौहान से दो हफ्तों में मांगा जवाब

जबलपुर हाईकोर्ट ने राहुल गांधी पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान द्वारा दायर मानहानि मामले में बड़ा कदम उठाया है। दरअसल हाईकोर्ट ने भोपाल की MP MLA कोर्ट से केस से जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं। हाईकोर्ट ने कार्तिकेय चौहान को भी नोटिस जारी कर दो हफ्तों में जवाब मांगा है।
राहुल गांधी मानहानि केस में हाईकोर्ट ने भोपाल MP MLA कोर्ट से रिकॉर्ड तलब किए, नोटिस जारी कर कार्तिकेय चौहान से दो हफ्तों में मांगा जवाब

राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने अहम कदम उठाया है। दरअसल कोर्ट ने भोपाल की MP MLA कोर्ट से केस से जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं। साथ ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान को नोटिस जारी कर दो हफ्तों के भीतर जवाब देने के लिए कहा है। वहीं इस मामले की अगली सुनवाई 4 मई को तय की गई है।

राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के केस से जुड़ा है मामला

वहीं यह मामला कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि के केस से जुड़ा है। कार्तिकेय का आरोप है कि राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए उनका नाम गलत तरीके से जोड़ा था, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसके बाद उन्होंने भोपाल की MP MLA कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था, जिस पर ट्रायल कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था।

दरअसल राहुल गांधी ने इस समन और पूरे मामले को चुनौती देते हुए जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनकी मांग है कि ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन को रद्द किया जाए और मानहानि के इस केस को खारिज किया जाए। राहुल गांधी की ओर से दलील दी गई है कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और समन जारी करने की प्रक्रिया कानूनी रूप से सही नहीं थी।

हाईकोर्ट ने आदेशों की प्रतियां और केस रिकॉर्ड मंगाए

वहीं हाईकोर्ट ने मामले की स्थिति समझने के लिए भोपाल की MP MLA कोर्ट से सभी आदेशों की प्रतियां और केस रिकॉर्ड मंगाए हैं। यह प्रक्रिया इसलिए की जाती है ताकि उच्च अदालत निचली अदालत की कार्यवाही और फैसलों की समीक्षा कर सके और पूरे मामले को विस्तार से समझ सके।

कार्तिकेय सिंह चौहान को जारी नोटिस में उनसे दो हफ्तों के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इससे साफ है कि हाईकोर्ट अब दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर मामले की वैधता पर फैसला करना चाहता है।

यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक सभा में पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए कथित तौर पर कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था। इसके बाद कार्तिकेय चौहान ने इसे अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बयान बताते हुए अदालत का रुख किया था। भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत मानहानि एक आपराधिक अपराध माना जाता है। इसमें दोषी पाए जाने पर सजा या जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे मामलों की सुनवाई अक्सर MP MLA कोर्ट में होती है, जो जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों के लिए विशेष रूप से बनाई गई अदालतें हैं।

अब 4 मई को होने वाली अगली सुनवाई इस मामले में अहम मानी जा रही है। उस दिन हाईकोर्ट केस के रिकॉर्ड, कार्तिकेय चौहान के जवाब और राहुल गांधी की ओर से दी गई दलीलों पर विचार करेगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही जारी रहेगी या मामले में कोई नई कानूनी दिशा तय होगी।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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