आयकर जमा नहीं किया तो उठायें  इस योजना का लाभ, नहीं लगेगी पेनल्टी 

आयकर जमा नहीं किया तो उठायें  इस योजना का लाभ, नहीं लगेगी पेनल्टी 

जबलपुर, संदीप कुमार। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के आयकरदाताओं (Income Tax Payers)के लिए एक अच्छी खबर है।  आयकर विभाग (Income tax department) ने आयकरदाताओं से कहा है कि सरकार चाहती है कि कम से कम विवाद हो और करदाता मन की शांति लेकर आराम से व्यवसाय करे,  इसीलिए विभाग ने “विवाद से विश्वास” योजना शुरू की है। प्रधान आयकर आयुक्त, करदाता सिर्फ कर दे, आयकर विभाग पेनाल्टी नहीं लेगा।

आयकरदाता के  तनाव को कर के प्रति कम करने के लिए भारत सरकार ने अब “विवाद से विश्वास” योजना शुरू की  है, योजना तो  17 मार्च 2020 को शुरू की गई थी लेकिन कोरोना के चलते इस योजना का क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं  हो पाया था। “विवाद से विश्वास” योजना का मुख्य उद्देश्य ये है कि सरकार करदाता को बिना किसी परेशानी के कर जमा करने का समय देती है। प्रधान आयकर आयुक्त अमरेंद्र कुमार ने कहा कि इस योजना को लाने के लिए भारत सरकार का  मुख्य उद्देश्य ये है कि आयकरदाता विवादित आयकर को बिना किसी विवाद के जमा कर सकता है. उन्होंने बताया कि आमतौर पर देखा जाता है कि हजारों विवाद अभी भी हाइकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में लंबित है जिसको लेकर सरकार चाहती है कि आयकरदाता मन की शान्ति लेकर अपना व्यवसाय करे और विवाद से दूर रहकर ज्यादा से ज्यादा वह टैक्स भर पाए।
सरकार टैक्स नही बढ़ा रही है-विवाद कम करना चाहती है
प्रधान आयकर आयुक्त अमरेंद्र कुमार का कहना है कि टैक्स बढ़ाने का सरकार का बिल्कुल उद्देश्य नहीं है,असल मुद्दा ये है कि जितना कम हो सके उतना कम विवाद हो,उन्होंने कहा कि अब आयकरदाता सिर्फ उतना ही कर जमा कर सकता है जितना हो उसे पैनल्टी देने की आवश्यकता नहीं  है उसके ऊपर किसी भी तरह का ब्याज नही लगेगा।

31 दिसंबर के पहले कर जमा करते हुए पा सकते है योजना का लाभ
प्रधान आयकर आयुक्त अमरेंद्र कुमार ने बताया कि आयकरदाता अपनी विवादित आय को लेकर 31 दिसंबर तक आवेदन जाकर आयकर कार्यालय य फिर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं जिससे उन्हें योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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