खड़गे के मंच शुद्धिकरण विवाद पर सुमित्रा वाल्मीकि का पलटवार, बोलीं- मंच नहीं वैचारिकता…

मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद मंच शुद्धिकरण विवाद में अब राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि को बोलते हुए देखा गया। उन्होंने कहा कि शुद्धिकरण मंच का नहीं बल्कि उनकी वैचारिकता का किया जाना चाहिए।
Sumitra Valmiki

राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि हाल ही में जबलपुर पहुंची। यहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच के शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध पर पलटवार किया। उन्होंने यह कह दिया कि शुद्धिकरण खड़गे के मंच का नहीं बल्कि उनकी वैचारिकता का होना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि खड़गे बार-बार दलित नेता के साथ अपमान की बात तो बोल रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने विचारों पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह सवाल भी किया कि करके अपनी वैचारिकता कब शुद्ध करेंगे यह दलित वर्ग जानना चाहता है।

क्या बोलीं वाल्मीकि

वाल्मीकि ने कहा कि ‘मैं भी दलित हूं लेकिन भाजपा या संगठन में मुझे कभी भी भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा। भाजपा समरसता में विश्वास करती है।’ उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि ‘मैं और पूरा दलित वर्ग यह जानना चाहता है कि खड़गे अपनी वैचारिकता को कब शुद्ध करेंगे।’

बीजेपी में उनसे ज्यादा काम करने वाले दलित

सांसद ने कहा कि ‘भाजपा में कई सारे दलित नेता है जिन्होंने उनसे ज्यादा काम किया है और वह सनातनी विचारधारा से जुड़े हैं। स्वयं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा और संगठन में उन्होंने कभी भी भेदभाव का सामना नहीं किया।’

उन्होंने कहा कि ‘खड़गे जिस विचारधारा के साथ खड़े होकर बयान देते हैं। उसमें सनातन के प्रति नकारात्मक सोच साफ तौर पर दिखाई देती है। जब कोई व्यक्ति लगातार सनातन के खिलाफ बोलता है और फिर विवाद खड़ा होने पर खुद को दलित बताता है, तो सबसे पहले उसे अपने विचारों पर विचार करना चाहिए।’

बोलीं- शुद्ध करें अपनी वैचारिकता

सुमित्रा वाल्मीकि यही नहीं रुकी उन्होंने कहा कि ‘खड़गे जिस पाले में खड़े होकर बोलते हैं, वहां वैचारिकता शुद्ध नहीं है। उनकी सबसे बड़ी महानता यह होगी कि वह पहले अपने विचारों को शुद्ध करें। जहां वह खड़े हैं वहां हमेशा सनातन के खिलाफ बोला जाता है और फंसते ही दलित होने की बात कही जाने लगती है।’

क्या है मामला?

बता दें कि हाल ही में उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक कार्यक्रम हुआ था। इस कार्यक्रम के बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ता उस मंच पर पहुंचे थे, जहां खड़गे ने भाषण दिया था। कार्यकर्ताओं ने मंच का शुद्धिकरण किया था। जब यह जानकारी सामने आई तो कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन कर इसे दलित नेता का अपमान बताते हुए भाजपा और हिंदू संगठन के कृत्य की आलोचना की थी।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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