आर्मी अफसर के घर से जेवरात, नकदी व पिस्टल चोरी करने वाला गिरफ्तार

आर्मी अफसर के घर से जेवरात, नकदी व पिस्टल चोरी करने वाला गिरफ्तार

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर रिज रोड स्थित आर्मी अफसर के मकान में ताला तोड़कर लाखों की चोरी करने वाले आरोपी को गोराबाजार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लेफ्टिनेंट कर्नल अरुण मलिक के मकान की रैकी करने के बाद चोर उनके घर से नगदी, सोने के जेवर, 9 एमएम की पिस्टल व जिंदा कारतूस चोरी कर ले गया था।

करीब एक सप्ताह पहले हुई वारदात के बाद से ही गोराबाजार पुलिस और आर्मी पुलिस चोर की तलाश में जुटी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज एवं संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस रांझी क्षेत्र के रहने वाले चोर तक पहुंची। पुलिस ने चोर को हिरासत में लेते हुए उसकी निशानदेही पर चोरी गया माल जब्त किया है।

ये भी पढ़ें – त्रिदेव योजना बनी भाजपा की सफलता का प्राण तत्व – नेहा बग्गा

आपको बता दें कि आर्मी एरिया कोबरा मैदान के समीप रहने वाले ले.कर्नल अरुण मलिक के सूने घर को निशाना बनाते हुए चोर 12 तोला सोने के जेवर, 5 महंगी घड़ी, कर्नल की निजी 9 एमएम की पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस चोरी कर ले गया था। कश्मीर में पदस्थ ले. कर्नल मलिक अवकाश में जबलपुर में आए थे।जबलपुर में उनकी पत्नी मेघना और बच्चे रहते हैं।

ये भी पढ़ें – धान के खेत में फंसकर घायल हुआ तेंदुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

14 जुलाई को ले.कर्नल अपने परिवार के साथ मुम्बई चले गए थे। घर की साफ-सफाई के लिए उन्होने महिला कर्मी दीपमाला को घर की चाबी दी थी। 16 जुलाई को दीपमाला घर में साफ-सफाई करने के बाद ताला लगाकर चली गई। 18 जुलाई को वह पुन: साफ-सफाई के लिए घर पहुंची तो घर का ताला टूटा हुआ मिला और सामान बिखरा हुआ पड़ा था।

ये भी पढ़ें – ममता बनर्जी सरकार के मंत्री को ED ने गिरफ्तार किया, जानें कौन है पार्थ चटर्जी

दीपमाला ने घर में चोरी हो जाने की सूचना ले.कर्नल की पत्नी मेघना को मोबाइल पर दी थी। मुम्बई से जबलपुर पहुंचे मलिक परिवार ने पुलिस को चोरी होने की सूचना दी, जिसके बाद गोराबाजार पुलिस, क्राइम ब्रांच सहित सेना पुलिस चोरों की तलाश में सरगर्मी से जुटी हुई थी। पुलिस ने पड़ताल करते हुए एक सफाई कर्मी को गिरफ्तार कर लिए जिसने चोरी कबूल की और माल जब्त करा दिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews