VIDEO: 40 दिन बाद खुली शराब दुकानें, उमड़ी भीड़, पीकर बहके लोग

VIDEO: 40 दिन बाद खुली शराब दुकानें, उमड़ी भीड़, पीकर बहके लोग

जबलपुर| संदीप कुमार| कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते लागू लॉक डाउन (Lockdown) में बीते 40 दिनों से जबलपुर (Jabalpur) जिले की तमाम देसी एवं अंग्रेजी शराब की दुकाने (Liquor shops) पूरी तरह से बंद है। राज्य सरकार के निर्देश पर बुधवार से ग्रामीण क्षेत्र की शराब दुकान खुली। दुकान खुलने के बाद जो नजारा शराब दुकान के सामने देखने को मिला इससे पहले वह कभी नहीं देखा गया।

शराब के लिए हुआ सोशल डिस्टेंस का पालन
जबलपुर जिले में आज से ग्रामीण क्षेत्र की सभी शराब की दुकानें खुल गई है। दुकान खुलने का समय सुबह 7:00 बजे से शाम को 7:00 बजे तक का है हालांकि आज पहले दिन शराब की दुकाने सुबह नहीं बल्कि दोपहर को खुली। जैसे ही दुकान का शटर खुला वैसे ही शराब पीने वाले शौकीनों की दुकान के सामने भीड़ लग गई। सोशल डिस्टेंस का पालन करवाने के लिए पुलिस भी दुकान के बाहर मौजूद रही। शराब खरीदने के दौरान लोग सोशल डिस्टेंस को बनाकर रखे और चिलचिलाती धूप में शराब लेने वालों की लंबी लंबी लाइन लगी रही। इनकी निगरानी के लिए पुलिस और आबकारी विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जबलपुर जिले में 40 दिनों से बाद आज जैसे ही शराब की दुकान खुली वैसे ही अलग अलग नजारे शराब प्रेमियों के दिखने लगे| ठेके से शराब पीकर एक युवक निकला और मोटरसाइकिल में सवार होकर जब अपने घर जा रहा था तभी रास्ते में वह सामने से आ रहे डंपर से टकरा गया। गनीमत यह थी कि डंपर की स्पीड काफी कम थी जिसके चलते किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। गौर करने वाली बात यह भी है कि शराबी शराब के नशे में इतना चूर था कि वह खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। बावजूद इसके पुलिस की नजरों से बचता हुआ शराबी सालीबड़ा से तिलहरी तक पहुंच गया। बहरहाल आज से ग्रामीण क्षेत्र की शराब दुकान खुल गई हैं और अब कुछ दिनों तक शराबियों की यह फिल्म रोजाना जरूर देखने को मिलेगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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