हॉकी टूर्नामेंट के लिए मिली एक महीने की छुट्टी, रेलवे की खिलाड़ी चोरी छिपे खेल रही क्लब क्रिकेट, वीडियो वायरल

रेलवे की नजर में खिलाड़ी बालाघाट में हॉकी टूर्नामेंट की प्रेक्टिस कर रही हैं लेकिन हकीकत में वो जबलपुर में क्लब क्रिकेट खेल कर विभाग की आँखों में धूल झोंक रही हैं उधर कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों को क्रिकेट खेलने के बदले पैसा भी दिया जा रहा है।
hockey player cricket

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पश्चिम मध्य रेलवे की हॉकी खिलाड़ियों की बड़ी गड़बड़ी और अनियमितता सामने आई है, उन्हें हॉकी टूर्नामेंट के नाम पर एक महीने की छुट्टी मिली है लेकिन वे टूर्नामेंट के लिए प्रेक्टिस करने की जगह क्लब क्रिकेट खेल रही हैं, इन खिलाड़ियों का क्रिकेट खेलते वीडियो वायरल हो रहा है।

पश्चिम मध्य रेलवे की स्पोर्ट्स कोटे की महिला कर्मचारियों की बड़ी अनियमितता सामने आई है, जानकारी के मुताबिक रेलवे स्पोर्ट्स कोटे की ये सभी हॉकी खिलाड़ियों को बालाघाट में आयोजित हॉकी टूर्नामेंट खेलने के लिए एक महीने की  छुट्टी मिली है लेकिन ये खिलाड़ी हॉकी की प्रेक्टिस करने की जगह क्रिकेट खेल रही हैं।

रेलवे की हॉकी खिलाड़ी खेल रही क्लब क्रिकेट 

हॉकी खिलाड़ियों का क्लब क्रिकेट खेलते वीडियो वायरल हो रहा है खास बात ये है कि ये खिलाड़ी बालाघाट से चोरी छिपे जबलपुर  आकर क्लब क्रिकेट खेल रही हैं, रेलवे की पांच हॉकी खिलाड़ी जबलपुर रेलवे स्टेडियम में चल रह  Viana Women Premium League में बेख़ौफ़ क्रिकेट खेल रही हैं।

क्रिकेट खेलने  के बदले पैसे दिए जाने की चर्चा  

बताया जा रहा है कि ये पूरा खेल इस तरह से चल रहा है कि विभाग को भनक भी नहीं है यानि रेलवे की नजर में खिलाड़ी बालाघाट में हॉकी टूर्नामेंट की प्रेक्टिस कर रही हैं लेकिन हकीकत में वो जबलपुर में क्लब क्रिकेट खेल कर विभाग की आँखों में धूल झोंक रही हैं उधर कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों को क्रिकेट खेलने के बदले पैसा भी दिया जा रहा है।

रेलवे अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा 

हॉकी खिलाड़ियों के क्रिकेट खेलने के वीडियो वायरल हो रहे है जब जबलपुर रेल मंडल के सीनियर DCM ने स्पोर्ट्स के संबंधित अधिकारियों से इस विषय पर मीडिया ने बात की तो उन्होंने मामले की जांच कर कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही है।

संदीप कुमार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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