कोरोना संक्रमण के बीच गेंहू खरीदी का काम प्रभावित, मुश्किल में किसान

कोरोना संक्रमण के बीच गेंहू खरीदी का काम प्रभावित, मुश्किल में किसान

जबलपुर।संदीप कुमार

कोरोना वायरस(coronavirus) संक्रमण के बीच गेंहू खरीदी का काम भी अब उपार्जन केंद्रों में प्रभावित होने लगा है।कई केंद्रों में बारदाना न होने के चलते गेंहू खरीदी का काम रुक गया है जिसके चलते किसान(farmers) परेशान हो रहे है।हालांकि जिला आपूर्ति अधिकारी ने भी इस सच्चाई को स्वीकार किया है कि बारदाना की कमी केंद्रों में आई है जिसे पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

कोरोना वायरस का डर, मजदूर न मिलने का कारण खरीदी केंद्रों में नही पहुँच सके बारदाना

गेंहू खरीदी के काम को काफी हद तक कोरोना संक्रमण ने प्रभावित किया है।बारदाना जिले में पर्याप्त संख्या में है पर मजदूर न मिलने के चलते ये बारदाना खरीदी केंद्र तक नही पहुँच पा रहे है यही वजह है कि कई खरीदी केंद्रों में किसान अपना गेहूँ लेकर खडे है कि तुलाई हो जाए तो वो अपने अपने घर जा सके पर बारदाना न होने के चलते किसानों को खरीदी केंद्रों में रुककर अपने अनाजों की देखभाल करना पड़ रहा है।

खराब मौसम ने किसानों के माथे पर लाया पसीना

किसानों की फसल कटकर तैयार है। अनाज समर्थन मूल्य में सरकार को देने के लिए भी किसान तैयार है पर बारदाना की कमी के कारण किसान अपने अनाज को खरीदी केंद्रों तक नही पहुँचा पा रहे है। दूसरी और खराब मौसम भी किसानों के माथे पर पसीना ला रहा है। किसानों का अनाज खुले में पड़ा है ऐसे में अगर जल्द ही बारदाने की व्यवस्था नही हुई तो  बारिश होने से किसानो का अनाज गीला हो सकता है।

सरकार के निर्देश के बाद भी किसानों से लिये जा रहे है तुलाई

कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे प्रदेश को देखते हुए राज्य सरकार ने आदेश दिए है कि किसानों से तुलाई और हम्मली के रु न लिए जाए। इसके बाद भी गेंहू खरीदी केंद्रों में किसानों से प्रति क्विंटल 14 रु लिए जा रहे है। किसानों का कहना है कि अगर रु न दिए जाएं तो हम्माल फिर किसानों के अनाज की न ही तुलाई करते है और न ही सिलाई।

जिला आपूर्ति अधिकारी ने किसानों की समस्या को लिया संज्ञान में-जल्द समस्या दूर करने का दिया आश्वशन

जबलपुर जिला नागरिक आपूर्ति अधिकारी एनएमएस खान भी मान रहे है कि जिले के कई खरीदी केंद्रों में बारदाना की कमी आ रही है। जिसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे है कि जल्द से जल्द केंद्रों में किसी तरह बारदाना पहुँचाया जाए। जिससे खरीदी का काम प्रभावित न हो।वही किसानों से तुलाई हेतु लिए जा रहे रु के मामले पर ठोस कार्यवाही की बात कही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews