12 साल की बेटी ने कुछ इस तरह मनाया अपना जन्मदिन, 200 मास्क किए भेंट

12 साल की बेटी ने कुछ इस तरह मनाया अपना जन्मदिन, 200 मास्क किए भेंट

झाबुआ, विजय शर्मा

नोबेल महामारी कोरोना का तांडव लगातार जारी है, आए दिन कोरोना के देश भर से हजारों में मामले सामने आ रहे है। कोरोना से बचाव के लिए डब्ल्यू एच ओ और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गाइडलाइन जारी की गई है. कोरोना से बचाव के लिए मास्क का बहुत जरुरी है, जिसकी महत्वता को देखते हुए झाबुआ की 12 साल की छात्रा अक्षरा ने अपने जन्मदिन के मौके पर अपनी पॉकेट मनी से 200 मास्क गरीबों के लिए नगर पालिका के मास्क बैंक को भेट किए है।

अक्षरा शर्मा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर की सातवीं कक्षा की छात्रा है। अक्षरा झाबुआ के भगत सिंह नगर एमआईजी 90 न्यू हाउसिंग बोर्ड की रहने वाली है। अक्षरा द्वारा अपने जन्मदिन पर केक ना लाते हुए 200 मास्क खरीदे गए , जिससे उसने मास्क बैंक को दान कर दिया।

अक्षरा का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण ना फैले इस हेतु उन्होंने बाजार में देखा कई लोग बिना मास्क के आते हैं, जिसके चलते उन्होंने मास्क खारीद कर उसे मास्क बैंक में देने का मन बनाया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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