गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों के परिवारों को दिया जा रहा सूखा राशन

गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों के परिवारों को दिया जा रहा सूखा राशन

खंडवा/सुशील विधानी

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की शुरूआत होते ही खण्डवा जिले में कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम अधिकारी अंशुबाला मसीह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.एस. चौहान के साथ कार्ययोजना बनाकर कोरोना वायरस संक्रमण एवं रोकथाम हेतु जागरूकता के लिये आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। मैदानी अमले द्वारा ही घर-घर सर्वे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण एवं रोकथाम हेतु आम जनता को निरंतर समझाइश दी जा रही है। इसी क्रम में खण्डवा जिले की अशासकीय संस्था स्पंदन समाज सेवा समिति, खण्डवा के निदेशक सीमा प्रकाश द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी अंशुबाला मसीह के साथ मीटिंग की गई तथा इन्होंने कुपोषित बच्चों के परिवारों की सहायता हेतु इच्छा जाहिर की गई।

कोविड-19 के संकट के समय समाज के सभी वर्ग प्रभावित हो रहे है, ऐसे संकट के समय जिला कार्यक्रम अधिकारी अंशुबाला मसीह के मार्गदर्शन में स्पंदन समाज सेवा समिति खंडवा के निदेशक सीमा प्रकाश ने खालवा ब्लॉक के कोरकू जनजाति के परिवार एवं आंगनवाड़ी में दर्ज गर्भवती माताओं, बच्चों को सहयोग देने का काम शुरू किया गया। पहले दौर में 63 गांवों के लगभग 850 बच्चों को सूखा राशन पहुंचाया गया। कुपोषित बच्चों के परिवारों को प्राथमिकता दी गयी, इसमें चावल, दाल, तेल और साबुन शामिल किया गया है। यह सहयोग सतत जारी है। खालवा के शेष 92 गांवों के लगभग 4000 बच्चों के परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य है। एक नई पहल के तहत 200 परिवारों को प्री मिक्स भोजन और पोषण प्रदान करने का काम शुरू किया जा रहा है। प्रत्येक चयनित परिवारों को 10 किलोग्राम प्री मिक्स भोजन पैकेट (एक खिचड़ी और दूसरा मसाला भात) दिए जा रहे हैं। इसके लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से कुपोषित बच्चों और हाई रिस्क गर्भवती माताओं को यह सहायता दी जा रही है। इस कार्य मे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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