Hindi News

गणतंत्र दिवस सहभोज में हलवा-पूरी खाकर 55 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती कराया गया, प्रशासन ने दिए जांच के आदेश 

Published:
खंडवा में 50 से अधिक अच्छे फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए। बच्चे अब खतरे से बाहर हैं। मामले की जांच की जाएगी।
गणतंत्र दिवस सहभोज में हलवा-पूरी खाकर 55 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती कराया गया, प्रशासन ने दिए जांच के आदेश 

खंडवा जिले के हरसूद विधानसभा क्षेत्र के कसरावद गांव में गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्कूल में हुए सहभोज के दौरान फूड पॉइज़निंग का मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि इस घटना से लगभग 55 बच्चे प्रभावित हुए। सभी बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हरसूद में भर्ती कराया गया है, उनका ईलाज जारी है।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बच्चे खतरे से बाहर हैं। हालांकि प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। बताया जा रहा है कि सहभोज में परोसे गए भोजन की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।

क्या है मामला? (Khandwa News)

गणतंत्र दिवस के दिन सुबह झंडावंदन के बाद प्राइमरी, मिडिल स्कूल और आंगनवाड़ी के बच्चों को खीर, पूड़ी और हलवा परोसा गया। दोपहर तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन शाम करीब 6 बजे से बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायतें होने लगी। धीरे-धीरे बच्चों की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

शुरुआती तौर पर 15 बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन बाद में बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 55 हो गई। इनमें से 25 बच्चों का इलाज अब भी जारी है। डॉक्टरों ने फूड पॉइज़निंग की पुष्टि की है।

अस्पताल में सुविधाओं की कमी

घटना के बाद अस्पताल में बेड की कमी देखने को मिली। कई बच्चों को गैलरी में लेटाकर इलाज करना पड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की क्षमता सीमित होने के कारण इलाज में असुविधा हुई।

प्रशासन ने दिया आश्वासन

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि बच्चों की स्थिति अब स्थिर है। जल्द ही सभी को घर भेज दिया जाएगा। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। प्रशासन ने भोजन वितरण के नियमों को और सख्त करने का निर्णय लिया है। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

खंडवा से सुशील विधाणी की रिपोर्ट 

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews