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मकर संक्रांति पर ओंकारेश्वर धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब, नर्मदा स्नान और ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए विशेष इंतज़ाम

Written by:Bhawna Choubey
Published:
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर ओंकारेश्वर धाम आस्था का महासंगम बनेगा। नर्मदा स्नान और ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
मकर संक्रांति पर ओंकारेश्वर धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब, नर्मदा स्नान और ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए विशेष इंतज़ाम

मकर संक्रांति का नाम आते ही पवित्र स्थलों की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है, जहां मां नर्मदा की पावन धारा में आस्था डुबकी लगाती नजर आती है। हर साल की तरह इस बार भी 14 जनवरी को ओंकारेश्वर धाम में श्रद्धालुओं का विशाल सैलाब उमड़ने वाला है। देश के अलग-अलग राज्यों से लोग नर्मदा स्नान और भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।

जैसे-जैसे मकर संक्रांति नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे ओंकारेश्वर में तैयारियां तेज होती जा रही हैं। प्रशासन, मंदिर समिति और स्थानीय समाजसेवी मिलकर इस बात में जुटे हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो और दर्शन-स्नान पूरी श्रद्धा और शांति के साथ हो सके।

मकर संक्रांति पर ओंकारेश्वर धाम का विशेष महत्व

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर धाम बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर दोनों ही स्वरूपों में विराजमान हैं। मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण में प्रवेश करता है, जिसे हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। हमारे धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, मकर संक्रांति पर नर्मदा स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी कारण हर साल लाखों श्रद्धालु इस दिन ओंकारेश्वर पहुंचते हैं। यह पर्व सिर्फ स्नान और दर्शन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दान-पुण्य, जप-तप और साधना का भी विशेष अवसर होता है।

नर्मदा स्नान और ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए उमड़ेगी भारी भीड़

प्रशासन के अनुमान के अनुसार, मकर संक्रांति पर ओंकारेश्वर धाम में लाखों श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। सुबह तड़के से ही नर्मदा घाटों पर स्नान का सिलसिला शुरू हो जाता है। श्रद्धालु पवित्र जल में डुबकी लगाकर भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचते हैं। पिछले कुछ वर्षों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है। यही वजह है कि इस बार प्रशासन ने पहले से ज्यादा सतर्कता और व्यापक व्यवस्थाएं की हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

प्रशासन की सख्त और व्यापक तैयारियां

खंडवा कलेक्टर द्वारा ओंकारेश्वर में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की गई। इस बैठक में स्नान, दर्शन, सुरक्षा, यातायात और आपात स्थितियों से निपटने की पूरी योजना पर चर्चा हुई। सबसे बड़ा मुद्दा श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। इसी को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि 14 और 15 जनवरी को नर्मदा नदी का जलस्तर सामान्य रखा जाए। इससे स्नान के दौरान किसी तरह का खतरा नहीं रहेगा।

घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

नगर परिषद द्वारा सभी प्रमुख घाटों पर गोताखोरों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सुरक्षा नावें भी तैयार रखी गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। घाटों पर साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। हम मानते हैं कि श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाएं मिलना बेहद जरूरी है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के स्नान कर सकें।