लोकायुक्त के हत्थे चढ़ी महिला पटवारी, किसान से रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

लोकायुक्त के हत्थे चढ़ी महिला पटवारी, किसान से रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

खंडवा।सुशील विधानी।
हरसूद में किसान से अपनी कृषि भूमि को नामंत्रण को ऑनलाइन करने के लिए पटवारी को रिश्वत लेना महंगा पड़ गया ₹2000 की रिश्वत लेते इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है पटवारी ने किसान से 2500 रुपए मांगे थे जिसमें ₹2000 की रिश्वत लेते हैं पटवारी धरा गई आवेदक के पिता रामजीवन बांके के नाम से ग्राम निसानिया में खसरा 19 / 1 रकबा 0 . 48 हेक्ट . की कृषि भूमि है जिसे स्वयं के नाम पर नामांतरण कराने हेतु तहसील कार्यालय हरसूद आवेदन पत्र दिया गया था जिसकी पावती तैयार कर पटवारी द्वारा मुझे दे दी गई , लेकिन उक्त पावती को ऑनलाईन नहीं चढाया गया , उक्त पावती को ऑनलाईन चढाने के लिये आवेदक 30 नवम्बर 2019 को पटवारी मैडम से मिला तो उनके द्वारा आवेदक का कार्य करने के एवज में उससे 2500 / – रू0 की रिश्वत की मांग की गई जा रही थी । जिसकी शिकायत फरियादी राहुल बांके द्वारा लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में पुलिस अधीक्षक महोदय को की गई थी जिस पर आज ट्रेप दल का आयोजन कर आज दिनांक 20 . 01 . 2020 को तहसील कार्यालय हरसूद जिला खंडवा में पटवारी श्रीमती कंचन तिवारी को आवेदक राहुल बांके से 2000 / – रू0 की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथो पकडा गया । पुलिस थाना हरसूद में कार्यवाही जारी है ।

पुलिस ने बताया कि नाम फरियादी – राहुल पिता रामजीवन बांके उम्र – 25 वर्ष ग्राम निसानिया माल तहसील हरसूद जिला खंडवा नाम आरोपिया – कंचन तिवारी पति श्री अंकित अग्निहोत्री उम्र – 32 वर्ष निवासी – 14 आई टाईप एनव्हीडी कालोनी हरसूद मूल निवासी – देवल मोहल्ला सिवनी मालवा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews