पुलिस थाने में दर्ज शिकायत का निराकरण करने एएसआई ने बुजुर्ग किसान से मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टोलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं यही कारण है कि भ्रष्टाचार की शिकायत पर जाँच एजेंसियां तुरंत एक्टिव होती है और भ्रष्ट शासकीय सेवक को पकड़ लेती है ।
ASI caught red-handed taking bribe

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इंदौर की लोकायुक्त पुलिस ने खरगोन जिले के कसरावद पुलिस थाने में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक को एक किसान से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, आरोपी एएसआई ने किसान के विरुद्ध पुलिस थाने में दर्ज एक शिकायती आवेदन का निराकरण करने के बदले 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी और पहली क़िस्त के रूप में 7 हजार रुपये लेते हुए पुलिस ने उसे दबोच लिया।

जानकारी के मुताबिक खरगोन जिले के ग्राम चंदावड तहसील भगवानपुरा में रहने वाले बुजुर्ग किसान श्यामलाल उपाध्याय ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर को एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें कसरावद पुलिस थाने में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक रवीन्द्र कुमार गुरू की शिकायत की थी।

एएसआई ने किसान से मांगी 20 हजार रुपये रिश्वत 

शिकायती आवेदन में किसान ने कहा कि कसरावद निवासी  राजेश बागदरे ने उसके विरुद्ध पुलिस थाना कसरावद में जान से मारने की धमकी दिये जाने की शिकायत की थी। इस शिकायत का निराकरण किये जाने के एवज में कार्यवाहक एएसआई रवीन्द्र कुमार गुरू द्वारा उससे 20,000/-रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है।

शिकायती आवेदन मिलने के बाद लोकायुक्त एसपी इंदौर राजेश सहाय के निर्देश पर इसका सत्यापन किया गया और शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप दल गठित किया गया, निर्धारित समय पर  लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम शिकायतकर्ता के साथ कसरावद जिला खरगोन पहुंची।

बस स्टैंड पर किसान से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा 

एएसआई रवीन्द्र कुमार गुरू ने किसान को कसरावद बस स्टैंड पर बुलाया था , किसान ने लोकायुक्त पुलिस के कहे अनुसार उसे पहली क़िस्त के रूप में 7000/- रुपये दिए और टीम को इशारा दे दिया, इशारा मिलते ही लोकायुक्त टीम ने आरोपी कार्यवाहक एएसआई रवीन्द्र कुमार गुरू को रिश्वत की राशि के साथ दबोच लिया, अरोप्पी के खिलाफ भ्रष्टाचा र्निवरण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच में लिया गया है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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