गर्मी में ड्राइ फ्रूट्स खाने के फायदे और नुकसान, जाने क्या है सेवन का सही तरीका  

गर्मी में ड्राइ फ्रूट्स खाने के फायदे और नुकसान, जाने क्या है सेवन का सही तरीका  

जीवनशैली, डेस्क रिपोर्ट। Dry fruits in summer:- ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं इनमें कई प्रकार के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं जो शरीर को एनर्जी देता है। यदि सही तरीके से ड्राइ फ्रूट्स का सेवन किया जाए तो यह आम समय की तरह गर्मियों में भी फायदेमंद हो सकता है। गर्मियों में इनका अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है, इससे पाचन और शरीर से जुड़ी कई समस्या उत्पन्न हो सकती है।

लेकिन है यदि सही तरीके से और एक लिमिटेड मात्रा में खाया जाए तो या फायदेमंद भी होता है। गर्मी शुरू होते ही लोगों को यह लगता है कि ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर में क टेंपरेचर बढ़ता है। हालांकि स्टडी के मुताबिक भी ड्राइ फ्रूट्स शरीर के तापमान को बढ़ाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यदि सही तरीके ड्राइ फ्रूट्स का सेवन किया जाए तो यह कोई भी नुकसान नहीं पहुंचाते। तो आइए जानते हैं कि गर्मी में ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने का सही तरीका क्या है।

यह भी पढ़े …. इंतजार खत्म! LIC IPO को लेकर आई बड़ी अपडेट, इस दिन से खुलेंगे आईपीओ, इतनी होगी छूट, जाने यहाँ  

ड्राइ फ्रूट्स का ऐसे करें सेवन

यदि आप Almond का सेवन करते हैं तो उसे रात में पानी में भिगोकर रख दें और फिर सुबह इसका सेवन करें 3 या 4 से ज्यादा ड्राई फ्रूट्स का सेवन बड़े ना करें और बच्चों को सिर्फ दो बादाम का सेवन करने दे। इसी तरह किशमिश, सूखे हुए अंगूर, अखरोट और अंजीर का सेवन कर रहे हैं तो उन्हें भी खाने से पहले रात भर पानी में भिगोकर छोड़ दे इससे आपके शरीर तापमान भी नॉर्मल रहेगा और इसके मिनरल्स फाइबर भी आपके शरीर में उर्जा प्रदान करेंगे। ध्यान रहे कि किसी भी ड्राई फ्रूट का सेवन अधिक मात्रा में ना करें वरना यह आपके पेट और स्वास्थ्य को हानि पहुंचा सकता है।

Disclaimer: यह खबर का उद्देश्य शिक्षित करना है। कृपया कोई भी कदम उठाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें। 

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews