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कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी तरबूज! हो सकती हैं गंभीर बीमारियां, इस तरह करें असली-नकली की पहचान

Written by:Shruty Kushwaha
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तरबूज स्वाद ही नहीं, सेहत का भी खजाना है। इसमें 92% पानी होता है, जो गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखता है। साथ ही ये कम कैलोरी वाला फल है इसलिए आपके वजन कम करने में मदद करता है। तरबूज में विटामिन ए और सी होते हैं जो आंखों और त्वचा की सेहत के लिए बहुत अच्छे हैं। इसमें लाइकोपीन नाम का तत्व भी होता है जो दिल को मजबूत बनाता है और बीमारियों से बचाता है। लेकिन ये फायदे तभी होंगे जब आप असली तरबूज खाएंगे।
कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी तरबूज! हो सकती हैं गंभीर बीमारियां, इस तरह करें असली-नकली की पहचान

Beware of Adulterated Watermelon : गर्मियां यानी तरबूज का मौसम। भले ही आम फलों का राजा कहलाता हो लेकिन जब भी आपको कम कैलोरी में खूब पानीदार और हल्का फल खाना हो तो तरबूज का पलड़ा भारी रहेगा। ठंडा-ठंडा तरबूज सिर्फ पेट ही नहीं मन को भी शीतलता पहुंचाता है। और गर्मी का मौसम शुरु होते ही बाज़ार में तरबूज की खेप शुरु हो गई है। लेकिन इस बीच..मिलावटी तरबूज से सावधान रहने की ज़रूरत है ताकि आपकी सेहत को कोई नुकसान न हो।

मिलावटी तरबूज स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसमें कृत्रिम रंग जैसे एरिथ्रोसाइन या साइज और वजन बढ़ाने के लिए इंजेक्ट किया गया पानी और चीनी का घोल बैक्टीरियल इंफेक्शन, पेट दर्द, उल्टी दस्त जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। वहीं, लंबे समय तक ऐसे केमिकल्स का सेवन लीवर और किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

क्या होता है मिलावटी तरबूज

मिलावटी तरबूज को ज्यादा लाल, मीठा और बड़ा दिखाने के लिए कृत्रिम रंग और हानिकारक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। तरबूज को लाल और चमकदार दिखाने के लिए उसमें एरिथ्रोसाइन या अन्य डाई इंजेक्ट किए जाते हैं। ये सुई के माध्यम से या छिलके के अंदर डाला जा सकता है। वहीं इसका वेट बढ़ाने के लिए पानी या चीनी का घोल इंजेक्ट किया जाता है जिससे ये बड़ा और भारी लगे। स्वाद में मीठा लगे इसके लिए चीनी या सैकरीन जैसे मिठास बढ़ाने वाले पदार्थ डाले जाते हैं। वहीं, कभी-कभी पकने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों का इस्तेमाल भी होता है।

सेहत पर हो सकते हैं ये दुष्प्रभाव

मिलावटी तरबूज खाने से आपको पेट दर्द, उल्टी, एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है। साथ हीफूड पॉइजनिंग का खतरा भी रहता है। बार-बार मिलावटी तरबूज खाने से किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। कुछ लोगों को इससे एलर्जी, खुजली और स्किन रैशेज भी हो सकते हैं। लंबे समय तक मिलावटी चीजें खाने से शरीर में गंभीर बीमारियां..यहां तक कि कैंसर होने की आशंका भी रहता है। इसीलिए तरबूज खरीदते समय सावधान रहें और एक बार अच्छे से इसकी जांच ज़रूर कर लें।

इस तरह करें मिलावटी तरबूज की पहचान

अगर तरबूज का गूदा चटक लाल या अप्राकृतिक रूप से चमकदार है तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है। प्राकृतिक तरबूज का रंग हल्का लाल या गुलाबी होता है। आप तरबूज को काटकर उसके गूदे पर रुई या टिशू पेपर रगड़ें। यदि रुई या पेपर पर लाल या नारंगी रंग आता है तो यह मिलावटी हो सकता है। तरबूज के एक छोटे टुकड़े को पानी में डालें। अगर पानी लाल या गुलाबी हो जाता है, तो उसमें रंग मिलाया गया है।

वहीं अगर ये फल स्वाद में अत्यधिक मीठा हो, उसकी मिठास नकली लगे या उसमें हल्की कड़वाहट हो, तो ये भी मिलावट के संकेत हैं। तरबूज काटने पर अगर बहुत ज्यादा पानी निकले या गूदा स्पंजी लगे तो यह इंजेक्शन का संकेत हो सकता है। अगर आपको छिलके पर सुई के निशान या असामान्य धब्बे मिले तो ये भी मिलावटी होने का इशारा है। और अगर तरबूज अपने आकार के हिसाब से बहुत हल्का लगे तो मुमकिन है कि उसे अप्राकृतिक रूप से पकाया गया हो। असली तरबूज का छिलका हरा और सख्त होता है, जबकिमिलावटी तरबूज़ का छिलका अप्राकृतिक तरह से पतला और हल्का हो सकता है।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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