क्या सिर्फ हवा खाकर जीवित रहा जा सकता है! जानिए क्या होती है Breatharian Diet

क्या भोजन और पानी के बिना जी पाना संभव है। सिर्फ हवा और सूरज की रोशनी के सहारे जीवित रहा जा सकता है। Breatharianism इस तरह के कई सवाल खड़े करता है। कुछ लोग ये दावा ज़रूर कर चुके हैं कि वो सिर्फ "प्राण ऊर्जा" पर जीवित हैं, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ये दावा अविश्वसनीय हैं क्योंकि हमारे शरीर को सही ढंग से कार्य करने के लिए पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इसीलिए, किसी भी डाइट ट्रेंड को अपनाने से पहले वैज्ञानिक तथ्यों को जानना और विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है।
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Breatharian Diet : क्या आप हवा पर जीते हैं ? अक्सर बहुत दुबले-पतले व्यक्ति को देखकर लोग कई बार इस तरह के सवाल कर देते हैं। लेकिन क्या वास्तव में हवा पर जीना संभव है। बिना भोजन-पानी के क्या कोई व्यक्ति जीवित रह सकता है। विज्ञान इस बात को साफ़ नकारता है। लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो हवा पर जीने का दावा कर चुके हैं।

‘हवा खाने’ को कोई नाम दिया जाए तो इसे ब्रेदेरियन डाइट (Breatharian diet) कहा जाता है। ‘ब्रेदेरियनिज़्म’ एक ऐसा विचार है, जिसमें कुछ लोग मानते हैं कि भोजन और पानी के बिना भी सिर्फ “प्राण ऊर्जा” (Life Force Energy) से जीवित रहा जा सकता है। इस अवधारणा के अनुसार, शरीर को पोषण के लिए भोजन की आवश्यकता नहीं होती बल्कि ये ब्रह्मांड की ऊर्जा (सूरज की रोशनी, हवा और ध्यान) के माध्यम से जीवित रह सकता है।

क्या है Breatharian Diet

आज के दौर में लोग फिटनेस और हेल्थ को लेकर तरह-तरह के डाइट ट्रेंड्स अपनाते हैं। कोई कीटो डाइट पसंद करता है तो किसी को इंटरमिटेंट फास्टिंग बेहतर लगती है। वीगन डाइट और आयुर्वेदिक डाइट इन दिनों बहुत चलन में है। लेकिन, कुछ डाइट्स इतनी अजीब होती हैं कि उन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। जैसे..क्या आपने कभी सुना है कि कुछ लोग बिना कुछ खाए सिर्फ हवा और सूरज की रोशनी पर जिंदा रहने का दावा करते हैं ? इसे वे कहते हैं ‘ब्रेदेरियन डाइट’ कहते हैं।

Breatharianism एक मान्यता है जिसमें माना जाता है कि इंसान बिना खाए-पीए सिर्फ हवा, सूरज की रोशनी और ध्यान से जीवित रह सकता है। इसे “प्राण ऊर्जा” से जीना भी कहा जाता है। इसे कुछ लोग आध्यात्मिक साधना से जोड़ते हैं और मानते हैं कि ध्यान और ऊर्जा से शरीर को जरूरी पोषण मिल सकता है। लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं हुआ है और बिना भोजन-पानी के रहना सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है।

क्या यह सच में संभव है

वैज्ञानिक रूप से यह दावा सही नहीं माना जाता है। हमारे शरीर को जीवित रहने के लिए प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन, मिनरल्स और पानी की जरूरत होती है। बिना भोजन के कुछ दिनों तक तो जीवित रहना संभव है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा करने से शरीर कमजोर हो जाता है, हमारे अंग ठीक से काम नहीं करते और ऐसे में व्यक्ति की जान भी जा सकती है। विज्ञान के अनुसार, ऊर्जा के लिए भोजन ज़रूरी है। बिना पोषण के शरीर धीरे-धीरे कमजोर होता जाता है।

कई मामलों में, जो लोग इस प्रकार का दावा करते थे कि वे बिना खाए जीवित हैं..वे छिपकर खाना खाते पकड़े गए हैं। इससे यह अवधारणा और भी अविश्वसनीय लगती है। अभी तक कोई वैज्ञानिक शोध भी इस बात की पुष्टि नहीं कर पाया है कि बिना भोजन के लंबे समय तक स्वस्थ रहना संभव है। इसलिए, कभी भी इस तरह की बातों के छलावे में न आएं और किसी डॉक्टर या विशेषज्ञ के परामर्श के बाद भी अपने लिए सही डाइट का चुनाव करें।

(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है। हम Breatharianism का किसी प्रकार सपोर्ट नहीं करते हैं। ये वैज्ञानिक रूप से अपुष्ट धारणा है। इसका प्रयोग किसी स्थिति में न करें।)

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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