मिर्च के तड़के से वेट लॉस: सिर्फ जुबान ही नहीं चर्बी भी जलाती है मिर्च, जानिए कैप्साइसिन का साइंस

दुनिया में 50,000 से ज्यादा मिर्च की किस्में हैं और हर एक का स्वाद और तीखापन अलग है। मिर्च का तीखा स्वाद कैप्साइसिन की वजह से होता है, जो आपके मुंह में 'जलन' पैदा करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, ये जलन असल में दर्द का सिग्नल है। कैप्साइसिन आपके दिमाग को ये सोचने पर मजबूर करता है कि आपका मुंह 'जल' रहा है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ होता नहीं। ये बस एक न्यूरोलॉजिकल ट्रिक है। जब आप मिर्च खाते हैं तो आपका दिमाग दर्द से बचने के लिए एंडोर्फिन यानी खुशी का हार्मोन रिलीज करता है। यही वजह है कि तीखा खाने के बाद आपको थोड़ा 'हाई' महसूस हो सकता है।
Chili Peppers

अगर आप तीखा खाने के शौकीन हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। हाल के शोध ने मिर्ची के उस तीखे स्वाद को वजन घटाने का नया सुपरहीरो बताया है। मिर्च में मौजूद ‘कैप्साइसिन’ नाम का जादुई तत्व न सिर्फ आपके खाने को चटपटा बनाता है, बल्कि आपका मेटाबॉलिज्म भी तेज कर सकता है। लेकिन क्या सिर्फ मिर्च खाने से वजन कम हो जाएगा ? आइए, इस तीखी खबर की पड़ताल करते हैं।

मिर्च के बिना क्या सब्ज़ी, क्या दाल, क्या चटनी। सब कुछ फीका लगता है। फिर चाहे हरी मिर्च का गार्निश हो या लाल मिर्च का तड़का.. ये छोटी सी चीज़ स्वाद को नेक्स्ट लेवल पर ले जाती है। मिर्च को खाने का डीजे भी कह सकते हैं क्योंकि ये तड़का लगाने के साथ रंग भी जमाती है।

मिर्ची का तीखा राज: क्या वाकई घटता है वजन

मिर्च..वो छोटा सा तीखा बम जो जुबान पर पड़ते ही आंखे नम कर देती है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि ये सिर्फ आँसू नहीं, कैलोरी भी बहा सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कैप्साइसिन जो मिर्च को उसकी तीखापन देता है, शरीर में थर्मोजेनेसिस यानी ऊष्मा उत्पादन को बढ़ावा देता है। आसान शब्दों में, ये आपके शरीर को ज्यादा कैलोरी जलाने के लिए उकसाता है। एक ताजा अध्ययन जो जर्नल ऑफ न्यूट्रिशनल साइंस में प्रकाशित हुआ, उसके अनुसार नियमित रूप से कैप्साइसिन युक्त भोजन खाने से मेटाबॉलिक रेट 10-15% तक बढ़ सकता है। यानी, आप बिना जिम जाए सोफे पर बैठे-बैठे भी थोड़ा ज्यादा फैट बर्न कर सकते हैं।

कैसे काम करता है ये तीखा जादू

कैप्साइसिन शरीर में ब्राउन फैट को सक्रिय करता है, जो गुड फैट माना जाता है। ये ब्राउन फैट शरीर की अतिरिक्त ऊर्जा को गर्मी में बदल देता है, जिससे कैलोरी बर्न होती है। इसके अलावा, मिर्च खाने से भूख भी कम लगती है..खासकर मीठे और तैल वाले खाने की क्रेविंग कम होती है।

लेकिन रुकिए, पूरी कहानी सुन लीजिए

हालांकि सब कुछ इतना आसान भी नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिर्च का ये फायदा तभी मिलता है जब इसे संतुलित आहार और व्यायाम के साथ लिया जाए। वजन कम करने के चक्कर में कहीं ज्यादा मिर्च न खा लीजिए क्योंकि इससे पेट में जलन, एसिडिटी या अल्सर जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। शोध के मुताबिक, रोजाना 2-6 मिलीग्राम कैप्साइसिन पर्याप्त है। यानी, एक या दो हरी मिर्च या एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर आपके खाने में शामिल करना काफी हो सकता है। मिर्च में वजन घटाने का दम तो है लेकिन ये कोई चमत्कार नहीं। इसे अपने खाने में शामिल करें, लेकिन संयम बरतें। और मिर्च खाने से किसी तरह की समस्या हो तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं। डॉक्टर का परामर्श अपेक्षित।)

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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