घर के गार्डन में लगे बैंगन के पौधे जब अचानक मुरझाने लगते हैं या फल लगने से पहले ही गिर जाते हैं, तो मेहनत बेकार जाती दिखती है। कई लोग समझ ही नहीं पाते कि समस्या पानी की है, मौसम की या फिर किसी कीड़े का हमला हो चुका है। अक्सर फरवरी के महीने में बदलते मौसम के कारण बैंगन के पौधों पर कीट तेजी से हमला करते हैं।
ऐसे में समय रहते पौधों की देखभाल और सही इलाज जरूरी हो जाता है। अच्छी बात यह है कि कीटों से बचाने के लिए महंगे केमिकल की जरूरत नहीं होती। घर की रसोई में मौजूद लहसुन और नींबू से बना एक साधारण ऑर्गेनिक स्प्रे बैंगन के पौधे को फिर से स्वस्थ बना सकता है और कुछ ही दिनों में पौधे पर दोबारा फल दिखने लगते हैं।
फरवरी में बैंगन के पौधों पर कीट हमला क्यों बढ़ जाता है?
फरवरी के महीने में मौसम बदलने लगता है। दिन गर्म और रातें ठंडी होती हैं, जिससे पौधों की ग्रोथ पर असर पड़ता है। इसी समय कई तरह के कीट सक्रिय हो जाते हैं, जो खासकर बैंगन के पौधों पर हमला करते हैं।
बैंगन के पौधे को सबसे ज्यादा नुकसान तना और फल में घुसने वाले कीट पहुंचाते हैं। यह कीड़े पहले कोमल टहनियों और फूलों के पास अंडे देते हैं। कुछ दिनों बाद लार्वा निकलकर तनों और फलों के अंदर घुस जाते हैं और पौधे को अंदर से खोखला कर देते हैं। धीरे-धीरे पौधा कमजोर पड़ने लगता है और फल लगना बंद हो जाता है। कई बार फल ऊपर से ठीक दिखता है लेकिन अंदर पूरा सड़ा हुआ निकलता है।
बैंगन के पौधे में कीड़े लगने की पहचान कैसे करें?
अगर समय रहते पहचान हो जाए तो पौधे को बचाया जा सकता है। बैंगन के पौधे में कीड़े लगने के कुछ सामान्य संकेत दिखने लगते हैं। सबसे पहले पौधे की टहनियां अचानक मुरझाने लगती हैं। फिर फलों पर छोटे गोल छेद दिखाई देते हैं। अगर फल को काटकर देखें तो अंदर कीड़े या सड़ा हुआ गूदा मिल सकता है। कई बार फूल लगते ही गिर जाते हैं और फल बनने से पहले टूट जाते हैं। पौधे की नई बढ़त रुक जाती है और पत्ते भी कमजोर दिखने लगते हैं।
लहसुन और नींबू से बना ऑर्गेनिक कीटनाशक क्यों है असरदार?
घर पर तैयार किया गया ऑर्गेनिक स्प्रे पौधों के लिए सुरक्षित होता है और मिट्टी की गुणवत्ता को भी नुकसान नहीं पहुंचाता। लहसुन में मौजूद सल्फर और तेज गंध कीटों को दूर भगाने में मदद करती है।
वहीं नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड फंगल संक्रमण और छोटे कीटों को रोकने में सहायक होता है। जब दोनों को मिलाकर स्प्रे तैयार किया जाता है तो यह पौधे के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करता है। इसका फायदा यह भी है कि इससे फल और मिट्टी पर केमिकल का असर नहीं पड़ता और सब्जियां सुरक्षित रहती हैं।
घर पर कीटनाशक स्प्रे कैसे तैयार करें?
इस स्प्रे को बनाना बेहद आसान है और इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं आता। इसके लिए एक पूरी लहसुन की गांठ लें और सभी कलियों को छीलकर पीस लें। अब इस पेस्ट में थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा घोल बना लें और इसे लगभग छह घंटे ढककर रख दें ताकि लहसुन का असर पानी में अच्छी तरह घुल जाए। इसके बाद इसमें आधे नींबू का रस मिलाकर मिश्रण को छान लें। अब इस घोल को दो लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल में भर लें। आपका ऑर्गेनिक कीटनाशक तैयार है।
स्प्रे करने से पहले पौधे की सफाई क्यों जरूरी है?
केवल स्प्रे करने से ही पूरी समस्या खत्म नहीं होती। पहले पौधे की सफाई करना जरूरी है। जो पत्ते, फल या टहनियां कीड़ों से खराब हो चुकी हों उन्हें काटकर अलग कर दें। गमले या पौधे के आसपास गिरे हुए खराब फल और पत्तों को हटा दें। इससे कीड़ों की संख्या कम होती है और स्प्रे ज्यादा असरदार तरीके से काम करता है। साफ पौधे पर किया गया छिड़काव जल्दी असर दिखाता है।
स्प्रे करने का सही समय और तरीका
स्प्रे हमेशा सुबह या शाम के समय करना चाहिए, जब धूप तेज न हो। तेज धूप में छिड़काव करने से स्प्रे जल्दी सूख जाता है और असर कम हो जाता है। छिड़काव करते समय पूरे पौधे को अच्छी तरह भिगोना जरूरी है। पत्तों के नीचे की सतह, टहनियों, फूलों और छोटे फलों पर भी स्प्रे करें क्योंकि कीट अक्सर इन्हीं जगहों पर छिपते हैं। लगातार दो से तीन बार 7-10 दिन के अंतराल पर स्प्रे करने से अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं।





