रोजाना बजायें शंख, शरीर को मिलेंगे 4 जबरदस्त फायदे, देवी-देवता भी होंगे प्रसन्न

रोजाना बजायें शंख, शरीर को मिलेंगे 4 जबरदस्त फायदे, देवी-देवता भी होंगे प्रसन्न

Health benefits of blowing conch shell: हिंदू धर्म में शंख का विशेष महत्व होता है। इसे बिना पूजा, पाठ और हवन अधूरा माना जाता। भारत में शंख का इतिहास भी बहुत पुराना है। शंख की ध्वनि को बेहद ही कल्याणकारी और फायदेमंद माना जाता है। कि शंख बजाने से घर की नकारात्मकता दूर होती है। लेकिन क्या आपको पता है शंख बजाने से शरीर को कई फायदे होते हैं। इसे कैल्शियम, सल्फर और फास्फोरस का बेहतरीन स्त्रोत भी माना जाता है।

सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा होता है कम

शंख बजाने से थायराइड ग्लैंड का व्यायाम होता है। जिसके कारण बोलने से जुड़ी बीमारियां से राहत मिलती है। वहीं इसे बजाने से फेफड़े मजबूत होते हैं, जिसके कारण सांस संबंधित बीमारियों का खतरा भी कम होता है।

झुर्रियों से मिलेगा छुटकारा 

रोजाना शंख बजाने से झुर्रियों से छुटकारा मिलता है। ऐसा करने से चेहरे से मांसपेशियों में खिंचाव आता है। जिससे फाइन लाइंस और रिंकल्स कम होते हैं।

हृदय के लिए फायदेमंद

शंख बजाने से हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है। एक स्टडी के मुताबिक शंख बजाने से हृदय के सारे ब्लॉकेज खुल जाते हैं। इससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।

मांसपेशियों को बनाता है मजबूत

शंख बजाना निचले पेट, छाती, गर्दन और डायाफ्राम की मांसपेशियों के लिए फायदेमंद माना जाता है। ऐसा करने से मांसपेशियाँ मजबूत होती है।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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