सूखा पड़ा है गुड़हल का पौधा? ये सब्जी का पानी डालते ही झूम उठेगा, आजमाकर देखें

गुड़हल में नहीं खिल रहे फूल? अगर आपका गुड़हल का पौधा सूखा-सूखा दिख रहा है और उसमें फूल नहीं आ रहे, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। 99% लोग एक खास देसी नुस्खा आजमाकर अपने पौधों में धड़ाधड़ फूल उगा रहे हैं।
Hibiscus Plant Care

घर में तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूलों वाले पौधे लगाना अपने आप में एक ख़ुशी का एहसास होता है। लोग अपने घर में तरह-तरह के फूल वाले पौधे लगाते हैं जैसे कि गुलाब, गेंदा, चमेली, गुड़हल आदि। आज हम ख़ासतौर पर गुड़हल के पौधों के बारे में जानेंगे। गुड़हल के फूल लाल, गुलाबी, और सफ़ेद रंग के होते हैं, ये फूल बड़े और चमकीले होते हैं जो सभी को अपनी तरफ़ आकर्षित करते हैं। इन फूलों को लाल फूल और देवी के फूल भी कहा जाता है।

हर दिन बाज़ार से लाल फूलों को ख़रीदना जेब ढीली कर सकता है। ऐसे में घर पर ही गुड़हल का पौधा लगाना एक बहुत ही अच्छा ऑप्शन है। इसी के चलते कई लोग अपने घर में गुड़हल का पौधा तो लगा लेते हैं, लेकिन उसकी सही देखभाल नहीं कर पाते हैं, और फिर देखते ही देखते पौधा मुरझा जाता है और फूल खिलना भी बंद हो जाते हैं। ऐसे में मुरझाए हुए पौधों को देखकर मन उदास हो जाता है।

गुड़हल के पौधों की देखभाल (Hibiscus Plant Care)

अगर आपके साथ भी ऐसी समस्या होती है तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। सबसे पहले इस बात को समझें कि पौधों को हरा-भरा और स्वस्थ रखने के लिए बाज़ार में मिलने वाले महंगे-महंगे फर्टिलाइजर ख़रीदने की आवश्यकता नहीं है, इसके बजाय घर पर कुछ चीज़ों की मदद से घरेलू फर्टिलाइजर बनाए, और इस्तेमाल करें। आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि आप कैसे कुछ सब्ज़ियों के छिलकों की मदद से गुड़हल के पौधों के लिए घर पर ही खाद बना सकते हैं। इस खाद का इस्तेमाल करने से पौधों को ज़रूरी पोषण मिलता है, पौधे भी स्वस्थ तरीक़े से बढ़ते हैं।

लौकी के छिलकों का इस्तेमाल

गुड़हल के पौधों को स्वस्थ रखने के लिए और पौधों में ढेर सारे फूल खिलाने के लिए, लौकी के छिलके बहुत फ़ायदेमंद हो सकते हैं। लौकी के छिलकों में नाइट्रोजन ,फॉस्फोरस, पोटेशियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं जो मिट्टी की गुणवत्ता को सुधारने में मदद करते हैं साथ ही साथ पौधों की जड़ों को मज़बूत बनाते हैं। चलिए जान लेते हैं कि लौकी के छिलकों से खाद कैसे तैयार करते हैं।

लौकी के छिलकों से कैसे तैयार करें खाद

  • लौकी के छिलकों को इकट्ठा करें और उन्हें छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • अब कम से कम एक लीटर पानी में इन छिलकों को 8-10 घंटे के लिए भिगोकर रखें।
  • समय पूरा होने के बाद इस पानी को अच्छी तरह से छान लें और पौधों में डालें।
  • आप इस पानी का इस्तेमाल हफ़्ते में दो बार कर सकते हैं। कुछ ही दिनों में आपको फ़र्क नज़र आने लगेगा।
Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews