
नाश्ते की दुनिया में अब सिर्फ पराठे या पोहा ही नहीं, बल्कि पैनकेक भी अपनी जगह बना रहा है। शहर के कैफ़े और रेस्टोरेंट्स में यह डिश अब सबसे ज्यादा ऑर्डर की जाने वाली लिस्ट में शामिल हो चुकी है। खासतौर पर युवाओं और बच्चों के बीच इसकी दीवानगी तेजी से बढ़ी है। बता दें कि पैनकेक को आटा, दूध और अंडे से तैयार किया जाता है, जो कि खाने में बहुत ही ज्यादा मुलायम होता है। इसके ऊपर से शहद, चॉकलेट सिरप या फलों की परत से सजाई जाती है। पिछले कुछ सालों में पैनकेक की मांग कई गुना बढ़ गई है। पहले यह केवल बड़े होटलों तक डिमांड में था, लेकिन अब छोटे कैफ़े और घरों में भी इसे आसानी से बनाया जाने लगा है। सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की रेसिपी शेयर भी की जाती है।
हालांकि, आज के आर्टिकल हम आपको यह बताएंगे कि पैनकेक सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि इतिहास का स्वाद है। जी हां! शायद आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हमारे पूर्वज भी पैनकेक जैसी डिश खाते थे।
वैज्ञानिकों की रिसर्च
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वैज्ञानिकों ने 30 हजार साल पुराने औजारों पर स्टार्च के कण खोजे, जिससे यह पता चला कि पत्थर युग के लोग जड़ों और बीजों का आटा बनाकर गर्म पत्थर पर सेंक लेते थे। भले वह आज का मुलायम पैनकेक न रहा हो, पर शुरुआत वहीं से माना गया है। ग्रीस और रोम के समय में इसमें शहद और ऑलिव ऑयल डालकर स्वाद बढ़ाया जाता था। इंग्लैंड में एलिजाबेथ काल तक आते-आते इसमें मसाले, गुलाबजल, सेब और शराब मिलाकर इसे खास बना दिया गया। वहीं, यूरोप में आज भी पैनकेक डे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।
इतिहास
बता दें कि अमेरिका में इसका सफर बहुत दिलचस्प रहा। शुरुआती दौर में इसे हो केक और जॉनी केक कहा जाता था, जो मक्का या कुट्टू के आटे से बनते थे। अमेरिका की पहली कुकबुक अमेरिकन कुकरी साल 1796 में पैनकेक की दो रेसिपी दर्ज हैं। यहां तक कि राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन भी इसके दीवाने थे और फ्रांस से इसकी खास रेसिपी मंगवाकर अपने शहर भेजते थे। समय के साथ पैनकेक का रूप और स्वाद दोनों बदलते गए। कहीं इसे मीठा बनाया गया, तो कहीं नमकीन… कहीं आकार में मोटा और फूला हुआ, तो कहीं पतला और कुरकुरा… इस तरह यह पूरी दुनिया में लोगों का पसंदीदा डिश बन गया।
हर किसी को पसंद
विश्व के हर देश ने इसे अपने हिसाब से तड़का लगाया और आज यह देश सहित दुनिया के ऑलमोस्ट सभी देशों में अपनी एख अलग जगह बना चुका है। पैनकेक की सबसे बड़ी पहचान इसकी चपटी शेप है। अंग्रेजी में ही फ्लैट ऐज अ पैनकेक कहावत इतनी मशहूर है कि यह हर किसी की जुबान पर चढ़ी रहती है। ऐसे में दिलचस्प बात यह है कि पैनकेक का इतिहास हजारों साल पुराना है।
(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

