सूजी से बनाएं ये 3 फेसपैक, चेहरे पर आएगा निखार, मिलेगी बेदाग और खूबसूरत त्वचा

Semolina facepack

Semolina Facepack: सूजी से बने कई टेस्टी व्यंजन आपने खाए होंगे। लेकिन क्या आपको पता है सूजी त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसका इस्तेमाल फेस पैक और फेस स्क्रब के रूप में किया जाता है। आप घर पर ही अलग-अलग तरीके से सूजी का फेस पैक बना सकते हैं-

सूजी और हल्दी फेसपैक

सूजी और हल्दी का फेस पैक त्वचा पर निखार लाने में मदद करता है। इसे बनाने के लिए तीन चम्मच सूजी, एक चुटकी हल्दी, नींबू का जूस और एक चम्मच गुलाब जल पेस्ट तैयार कर लें। अब इस मिश्रण को चेहरे पर 10 से 15 मिनट तक लगाकर रखें। फिर चेहरा धोकर चेहरा धो लें। इस फेसपैक का इस्तेमाल करने से चेहरे पर निखार आता है। स्किन सॉफ्ट होती है। दाग-धब्बे भी कम होते हैं।

सूजी और कॉफी फेसपैक

सूजी और कॉफी का फेस पैक त्वचा के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसे घर पर बनाना भी काफी आसान होता है। दो चम्मच सूजी, एक चम्मच कॉफी, 1 से 2 चम्मच दूध और एक चम्मच शहद को कटोरी में अच्छे से मिला लें। अब इस मिश्रण को चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सर्कुलर मोशन में इससे मसाज करें। ऐसा करने से डेट्स स्किन सेल्स खत्म होते हैं। 15 से 20 मिनट तक इस मिश्रण को चेहरे पर छोड़ने के बाद फेस धो लें।

इमली और सूजी फेसपैक

इमली और सूजी के फेसपैक का इसका इस्तेमाल करने से रिकनल और फाइन लाइंस कम होते हैं। पिग्मेंटेशन से भी छुटकारा मिलता है। इस फेस पैक को बनाने के लिए तीन चम्मच सूजी, 2 चम्मच इमली के गूदे, दो चम्मच बेसन और दो चम्मच शहद को अच्छे से मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इस मिश्रण को गर्दन और चेहरे पर लगाकर 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें।  फिर ठंडे पानी से चेहरा धोकर मॉइश्चराइजर लगाएं।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता। विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।)
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews