शादी के बाद मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के मिलते हैं ढेरों फायदे, नहीं बनवाने पर झेलना पड़ेगा इतना नुकसान

आजकल के जमाने में शादी के बाद बहुत सारे कपल ऐसे होते हैं, जो मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बनवाते हैं। यह एक जरूरी कानूनी दस्तावेज माना जाता है। यह पति-पत्नी के विवाह का वैध प्रमाण पत्र होता है, इससे विवाह संबंधी सारे अधिकार भी संरक्षित होते हैं।
Marriage Certificate

Wedding Rituals : देवउठनी एकादशी के बाद से शादी का सीजन शुरू हो जाता है। ऐसे में इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। हर गली-मोहल्ले शहनाइयों से गूंज रहे हैं। देवउठनी एकादशी से ही शादी-विवाह का शुभ मुहूर्त शुरू हो चुका है। बेटियां डोली में बैठकर अपने पिता के घर से विदा होकर ससुराल चली जाती हैं। यह काफी भावुक समय होता है, जब जन्म देने वाले माता-पिता नम आंखों से अपनी बेटी को विदा करते हैं। लड़की के घर में शादी संपन्न होने के बाद विदाई आखिरी रस्म होती है, जिसमें सभी लोगों की आंखें नम हो जाती है। जिसे जन्म दिया हो, पाल-पोस्कर बड़ा किया हो, उसे अब किसी और के हाथों सौंपना बहुत ज्यादा तकलीफदायक होता है, लेकिन यही दुनिया की रीत है, जिसे हर किसी को निभाना होता है। शादी में हर समुदाय के अलग-अलग रिचुअल्स होते हैं।

हिंदू धर्म में शादी-विवाह का अपना अलग महत्व है। यह एक ऐसा कार्यक्रम होता है, जब दो दिलों का गठजोड़ होने के साथ-साथ 2 परिवारों में नया संबंध भी स्थापित होता है।

शादी का महत्व (Wedding Rituals)

दूल्हा-दुल्हन को इस दौरान तरह-तरह के रीति-रिवाज निभाने होते हैं। पूरे विधि-विधान और रस्मों के साथ एक पुरुष और स्त्री दांपत्य जीवन के लिए एक-दूसरे का हाथ थामते हैं, जो 7 जन्मों के लिए एक-दूसरे के होने का वचन लेते हैं। हिंदू धर्म में हर व्यक्ति के जीवन में 16 संस्कार होते हैं, जिनमें से एक विवाह भी शामिल है। इस दौरान सभी देवी-देवताओं का विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है।आजकल के जमाने में शादी के बाद बहुत सारे कपल ऐसे होते हैं, जो मैरिज सर्टिफिकेट नहीं बनवाते हैं। यह एक जरूरी कानूनी दस्तावेज माना जाता है। यह पति-पत्नी के विवाह का वैध प्रमाण पत्र होता है, इससे विवाह संबंधी सारे अधिकार भी संरक्षित होते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

दरअसल, साल 2006 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से मैरिज रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य घोषित कर दिया गया है। बहुत बार मैरिज सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण लड़की अपने हित में विवाह के अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाती है। कई लड़कियों को मैरिज सर्टिफिकेट के फायदे नहीं मालूम होते हैं, लेकिन आज के दौर को देखते हुए कानून तौर पर विवाह सर्टिफिकेट बनवाना बेहद जरूरी है। इससे आगे चलकर आपको किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।

मैरिज सर्टिफिकेट के फायदे (Marriage Certificate

Benefits)

  • मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के पीछे बहुत सारे कारण है।
  • कुछ लड़कियां शादी के बाद अपने सरनेम को चेंज नहीं करती, ऐसे में उन्हें कहीं भी यह प्रूफ देने के लिए कि वह शादीशुदा है।
  • वह मैरिज सर्टिफिकेट को पेश कर सकती है।
  • इसके अलावा, विदेश में वीजा और इमीग्रेशन सरकमस्टेंसस में पति-पत्नी के रिश्ते को प्रूफ करने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है।
  • जीवन बीमा लाभ प्राप्त करने के लिए भी इसकी बहुत जरूरत पड़ती है। पेंशन योजनाओं सहित अन्य बहुत से आर्थिक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए मेरिट सर्टिफिकेट जरूरी होता है।
  • मैरिज सर्टिफिकेट के जरिए महिलाओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, इसलिए किसी भी रिचुअल से शादी करने के बाद कोर्ट से मैरिज सर्टिफिकेट अवश्य लेने इससे आपका फ्यूचर पूरे रहेगा।
Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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