
भारत में मैरिज को पवित्र माना जाता है या 16 संस्कारों में से एक होता है। यह एक ऐसी घड़ी होती है जब दो आत्माओं का आपस में मिलन होता है। इसके साथ ही दो परिवार भी आपस में जुड़ जाते हैं। पति-पत्नी के रिश्ते के मायने सबसे अलग होते हैं। ये हर सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं, एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाते हैं। हालांकि समय के साथ-साथ रिश्ते के मतलब भी बदल रहे हैं। आए दिन देश और दुनिया में तमाम तरह की खबरें भी सुनने को मिलती हैं, जिससे विश्वास की कमी भी माना जा सकता है। क्योंकि कोई भी रिश्ता, खासकर हस्बैंड-वाइफ का, विश्वास, सम्मान और प्रेम के बीच बंधा होता है। इनमें से यदि कुछ भी टूट जाए या कम हो जाए तो रिश्ता कमजोर हो सकता है।
भारत के अलावा अन्य देशों में शादी को लेकर नए-नए तरह के ट्रेंड देखने को मिलते ही रहते हैं। इसी बीच एक नया ट्रेंड चलन में है, जिसे फ्रेंडशिप मैरिज का नाम दिया गया है।
जापान का नया ट्रेंड
दरअसल, जापान में शादी का एक नया तरीका अपनाया गया है। इस नई ट्रेंड को फ्रेंडशिप मैरिज कहा जा रहा है। यह एक ऐसा संबंध है, जब लोग एक-दूसरे से प्यार के बिना या फिर शारीरिक संबंध बनाए बिना भी एक साथ रहते हैं। घरों की जिम्मेदारी से बचने के लिए लोग फ्रेंडशिप मैरिज कर रहे हैं, जो कि काफी ज्यादा चलन में है। खास बात तो यह है कि इस मैरिज को कानूनी रूप से मान्यता भी प्राप्त है।
महत्व
जैसा कि नाम से ही समझ में आ रहा है कि इस रिश्ते में लोग केवल एक-दूसरे के पार्टनर नहीं, बल्कि दोस्त बनकर रहते होंगे। साफ शब्दों में यदि कहा जाए तो फ्रेंडशिप मैरिज में इंटिमेसी नाम की कोई चीज नहीं होती। वे एक-दूसरे के साथ रहकर भी अपनी जिंदगी अलग-अलग एंजॉय कर रहे होते हैं। हालांकि इस दौरान वे एक-दूसरे की पसंद और नापसंद का भी ख्याल रखते हैं, लेकिन वे अपनी निजी जीवन को खुलकर जीते हैं और इसमें एक-दूसरे को कोई आपत्ति भी नहीं होती है।
इस वजह से बढ़ा चलन
फ्रेंडशिप मैरिज में लोग अपनी मर्जी से रिश्ते को निभाते हैं। उसके पीछे एक बड़ी वजह इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में अकेलापन महसूस करना है। इसी कारणवश युवा फ्रेंडशिप मैरिज को ज्यादा अपना रहे हैं। इस शादी से उन्हें जो भी पार्टनर मिलता है, वह अपनी जिंदगी की हर बात शेयर कर सकते हैं। इससे उनका अकेलापन भी दूर हो जाता है। साथी उन्हें एक अच्छी दोस्ती भी मिल जाती है। इस मैरिज में दोनों ही पार्टनर अपने-अपने खर्चे को बांट लेते हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर वे एक-दूसरे को फाइनेंशली सपोर्ट भी करते हैं।
फायदे और नुकसान
जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, वैसे ही फ्रेंडशिप मैरिज के भी फायदे और नुकसान हैं। धीरे-धीरे इस मैरिज का ट्रेंड अन्य देशों में भी फैल चुका है। इस रिश्ते में लोग फाइनेंशली और इमोशनली एक-दूसरे से कनेक्ट होते हैं, लेकिन वे अपनी निजी जिंदगी पर इसे हावी नहीं होने देते। इसके अलावा, वे एक साथ पति-पत्नी की तरह नहीं रहते, बल्कि दोस्त की तरह रहते हैं। एक-दूसरे के प्रति सम्मान, विश्वास और आदर बनाए रखते हैं। इस रिश्ते में एक बड़ा नुकसान यह भी है कि यदि इन दोनों में से किसी भी पार्टनर को दूसरे पार्टनर से प्यार हो जाए, तो यह काफी मुश्किल हो सकता है।
बता दें कि जापान में सबसे ज्यादा यह ट्रेंड बढ़ा है। धीरे-धीरे अमेरिका और यूरोप के कुछ देशों में भी इसकी चर्चा हो रही है। हालांकि, भारत में यह अभी नया कॉन्सेप्ट है, लेकिन बड़े शहरों में चर्चाओं का हिस्सा बनने लगा है। कानून की तरह से भी इस शादी को लिगल ही माना जा रहा है।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

