लोरी सुनकर मीठी नींद क्यों सो जाते हैं बच्चे

लोरी सुनकर मीठी नींद क्यों सो जाते हैं बच्चे

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। बच्चों को लोरी सुनाने पर वो मीठी नींद सो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर लोरी से नींद क्यों आती है। आखिर क्या वजह है कि अरसे से बच्चों को सुलाने के लिए मधुर धुन या गीत का सहारा लिया जाता है। आज हम इसी बारे में जानेंगे।

अमिताभ बच्चन के बार-बार पैर छूते हुए नजर आए सुनील ग्रोवर, देखे वीडियो

दरअसल ये बात लोरी की नहीं..संगीत की है। संगीत का मनुष्य के मन मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कई बार आपने भी महसूस किया होगा कि कोई गीत सुनते हुए आपके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। किसी धुन पर आपका मन उदास हो उठता है तो किसी पर झूम जाता है। यही संगीत का जादू है और ये ही वजह है कि म्यूजिक थेरेपी इतनी प्रचलित होती जा रही है। इसमें दवाओं के साथ लोगों के इलाज के लिए संगीत का भी इस्तेमाल किया जाता है। खासकर मानसिक व्याधियों में ये बहुत कारगर है। महान वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन संगीत के इतने हिमायती थे कि उनकना कहना था इसे जीवन का अनिवार्य हिस्सा बना देना चाहिए।

इसीलिए बच्चों को लोरी सुनाई जाती है। इससे वो एकाग्र होते हैं और उनका मन स्थिर होता है। उनका ध्यान धीरे धीरे संगीत पर जा ठहरता है और शरीर की हलचल कम होने लगती है। नन्हें बच्चे और अधिक संवेदनशील होते हैं इसलिए उनपर संगीत का असर जल्द होता है। इसी के साथ उसे अपनी मां या जो भी प्रियजन है, उनकी आवाज भी भाती है। मां की भावुकता भी उसपर असर करती है और इस सारी बातों का घुलामिला प्रभाव है कि बच्चा लोरी सुनकर सो जाता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews