
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज विश्व मधुमेह दिवस (World Diabetes Day 2022) है। हर साल हर साल 14 नवंबर को डायबिटीज को लेकर जागरूकता लाने के लिए ये दिन मनाया जाता है। 4 नवंबर 1922 को सर फ्रेडरिक बैंटिंग का जन्म हुआ था, जिन्होने चार्ल्स हरबर्ट के साथ मिलकर इंसुलिन की खोज की थी। उन्हीं की स्मृति में ये दिन मनाया जाता है। इस साल की थीम एक्सेस टू डायबिटिज एजूकेशन (access to diabetes education) है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन द्वारा 1991 से ये दिन लोगों के बीच लागरुकता फैलाने के उद्देश्य से मनाना प्रारंभ किया गया। एक आंकड़े के मुताबिक दुनियाभर में करीब 463 मिलियन लोग मधुमेह या डायबिटीज से परेशान हैं। खाने के बाद शरीर में वो ग्लूकोज में बदल जाता है और इंसुलिन नाम का हॉर्मोन उसे खून में जाने से रोकता है। डायबिटीज के मरीज के शरीर में इंसुलिन की कमी हो जाती है। इसीलिए शुगर पेशेंट को थोड़े थोड़े अंतराल में दिन में 6 से 7 बार भोजन करने को कहा जाता है। इसी के साथ डॉक्टर द्वारा दी गई दवा और परहेज करना भी जरुरी है जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहे।
डायबिटीज से बचने के लिए एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाना चाहिए। अपने खानपान पर नियंत्रण रखें और नियमित एक्सरसाइज करें। ये एक तरह का मेटाबोलिक डिसऑर्डर है और अपनी आदतों में बदलाव व कुछ नियमों का पालन कर इस बीमारी के रिस्क को कम किया जा सकता है। हमारे देश में 20 और 70 आयुवर्ग के अनुमानित 8.7% आबादी डायबिटीज से पीड़ित है। साल 2019 में इंटरनेशनल डायबिटीज़ फेडरेशन ‘डायबिटीज़ एटलस’ ने भारत को 10 शीर्ष डायबिटीज पीड़ित देशों में रखा था। ये एक अलार्मिंग स्थिति है कि हमें इस बीमारी को काबू में रखने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे।
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

