
World Television Day 2022 : आज विश्व टेलीविजन दिवस है। इसे प्रसारण माध्यम के रूप में परिभाषित किया जाता है। वर्ल्ड टेलीविजन डे मनाने का उद्देश्य इसके महत्व को प्रतिपादित करना और प्रसारण मीडिया की भूमिका के बारे में जागरूरता बढ़ाना है। नवंबर 1996 में संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा पहले वर्ल्ड टेलीविजन फोरम का आयोजन किया गया, इसी के बाद से हर साल 21 नवंबर को ये दिन मनाए जाने का निश्चय हुआ।
समय के साथ बदला टेलीविजन का रूप
टीवी, छोटा बक्सा, बुद्धू बक्सा, इ़डियट बॉक्स..इन तमाम नामों से पुकारा जाने वाला टेलीविजन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। अपने अविष्कार के बाद से ही ये लोगों के लिए मनोरंजन के साथ शिक्षा, समाचार, सूचनाओं के आदान प्रदान का जरिया भी बन गया। टेलीविजन का अविष्कार 1924 में स्कॉटिश इंजीनियर जॉन लोगी बेयर्ड ने किया था। लेकिन भारत में टीवी को आते आते 35 साल लग गए। 1959 में यूनेस्को के सहयोग से पहली बार नई दिल्ली में टेलीविजन पेश किया गया था। हमारे देश में 1991 तक दूरदर्शन सरकार के स्वामित्व वाला एकमात्र राष्ट्रीय चैनल बना रहा। इसके बाद निजी और विदेशी प्रसारकों को सीमित संचालन की अनुमति दी गई। हमारे देश में आज भी सामान्यता लोग टीवी के लिए दूरदर्शन नाम ही अधिक प्रचलित है। हालांकि आज टीवी पर सैंकड़ों अलग अलग चैनल है और ओटीटी प्लेटफॉर्म ने तो इसका रूप ही बदल दिया है।
इडियट बॉक्स अब हो गया है स्मार्ट
शुरुआत में एक बड़े बॉक्स की तरह दिखने वाला टीवी आज स्मार्ट हो गया है। ये स्लिम ट्रिम है और इसके कई तरह के वैरिएंट बाजार में मौजूद है। अक्सर ही टीवी को इडियट बॉक्स या बुद्धू बक्सा भी कहा जाता है। ये नाम इसे इसलिए दिया गया क्योंकि ये लोगों का मनोरंजन करता है और अक्सर लंबे समय तक लोगों को बांधे रखता है। लेकिन आज ये स्मार्ट टीवी में बदल चुका है। आज के समय में इसका महत्व मनोरंजन या सूचनाओं के प्रसारण से बहुत अधिक हो गया है। टीवी का स्वरूप बदला है और आज हम अपनी रुचि के अनुसार इसपर दुनियाभर की चीजें देख सकते हैं। अब टीवी पर मोबाइल और कम्प्यूटर भी चलाया जा सकता है और ये हमारी आवाज से ही चैनल बदल देता है। टीवी हमारी दुनिया में एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है और समय बदलने के साथ इसकी भूमिका भी बदल रही है। वर्ल्ड टेलीविजन डे के अवसर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ये हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मनोरंजन के साथ जानकारी प्रदान कर हमारे जीवन को आनंदमयी बनाने का काम करता है।
टेलीविजन आज भी हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। मनोरंजन, समाचार और जानकारी प्रदान कर यह हमारे जीवन को आनंददायी बनाने का कार्य कर रहा है। आज भी इसके बिना घर सूना-सूना ही लगता है। आग्रह है कि TV कार्यक्रमों का आनंद लीजिए,लेकिन दूर से;ताकि आंखें भी स्वस्थ रहें।: सीएम#WorldTelevisionDay pic.twitter.com/KKnf8k4K2C
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) November 21, 2022
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

