पट्टे या चेन वाली घड़ी कौन सी है आपके भाग्य के लिए शुभ? जानें वास्तु की राय

वास्तु शास्त्र के अनुसार घड़ी पहनने के भी कुछ नियम होते हैं। चेन वाली घड़ी या पट्टे वाली, दोनों का प्रभाव आपकी किस्मत पर पड़ सकता है। सही घड़ी पहनने से जीवन में तरक्की मिलती है, जबकि गलत विकल्प आर्थिक व मानसिक नुकसान ला सकता है।
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हम में से कई लोग कलाई घड़ी को सिर्फ समय देखने का जरिया मानते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार ये हमारी ऊर्जा, भाग्य और सफलता से जुड़ी होती है। आपने कभी सोचा है कि आप जो घड़ी पहनते हैं, वह आपकी किस्मत को बदल सकती है?

चेन वाली घड़ी या पट्टे वाली इन दोनों में से कौन सी आपके लिए शुभ है? इसका जवाब वास्तु शास्त्र में छिपा है। अगर आप गलत घड़ी पहन रहे हैं, तो हो सकता है कि सफलता आपके पास आकर भी लौट जाए। आइए जानते हैं कौन सी घड़ी आपके लिए बेहतर है।

चेन वाली घड़ी

चेन वाली घड़ी पहनने वालों को आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का साथ मिलता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, धातु तत्व वाली घड़ियां जैसे स्टील या मेटल चेन वायु और अग्नि तत्वों को संतुलित करती हैं। ये प्रोफेशनल्स और बिजनेस करने वालों के लिए शुभ मानी जाती हैं। लेकिन ये हमेशा बाएं हाथ में ही पहननी चाहिए।

पट्टे वाली घड़ी

लेदर या फैब्रिक पट्टे वाली घड़ी पहनना उन लोगों के लिए अच्छा माना जाता है जो भावनात्मक रूप से जुड़ाव रखते हैं और अधिक मानसिक परिश्रम करते हैं। वास्तु के अनुसार, ये पृथ्वी तत्व को दर्शाती हैं और स्थिरता लाती हैं। छात्रों, लेखकों और शिक्षकों को पट्टे वाली घड़ी पहनना चाहिए।

घड़ी किस हाथ में और कब पहनना है

वास्तु में सिर्फ घड़ी का प्रकार नहीं, बल्कि उसे किस हाथ में और कब पहनना है, यह भी मायने रखता है। बाएं हाथ में घड़ी पहनना अधिक शुभ माना जाता है। साथ ही, घड़ी को सुबह साफ करके पहनने से दिनभर पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है। टूटी या बंद घड़ी बिल्कुल न पहनें, इससे नकारात्मकता बढ़ती है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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