Yoga Pose: सिटिंग वर्क की वजह से पीठ के निचले हिस्से में होने लगा है दर्द, तो करें ये योगासन, मिलेगी राहत

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Yoga Pose: आजकल सभी लोग सिटिंग वर्क करते हैं जिस वजह से एक जैसे काफी देर तक बैठने से पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने लगता है। आजकल यह समस्या हर उम्र के लोगों में देखने को मिलती है। शुरुआत में यह दर्द मामूली लगता है लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर रूप ले लेता है। पीठ के निचले हिस्से का दर्द एक आम समस्या है जो किसी भी उम्र में हो सकती है। यह दर्द कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि मांसपेशियों में खिंचाव, तनाव, गठिया, और डिस्क की समस्या। योगासन पीठ के निचले हिस्से के दर्द को दूर करने का एक प्रभावी तरीका है। योगासन मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाते हैं, और तनाव को कम करते हैं।

1. बिल्ली-गाय योग

घुटनों और हाथों के बल बैठें। सांस छोड़ते हुए अपनी रीढ़ को ऊपर की ओर उठाएं और अपनी नाक को घुटनों की ओर लाएं। सांस लेते हुए अपनी रीढ़ को नीचे की ओर झुकाएं और अपनी गर्दन को ऊपर की ओर उठाएं। इस क्रिया को 10-15 बार दोहराएं।

2. बाल मुद्रा

घुटनों के बल बैठें। आगे की ओर झुकें और अपने माथे को जमीन पर टिकाएं। अपनी बाहों को अपने शरीर के बगल में रखें। इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।

3. भुजंगासन

पेट के बल लेटें। अपनी हथेलियों को अपने कंधों के नीचे जमीन पर रखें। सांस लेते हुए अपनी छाती और सिर को जमीन से ऊपर उठाएं। अपनी पीठ को सीधा रखें। इस मुद्रा में 10-30 सेकंड तक रहें।

4. शलभासन

पेट के बल लेटें। अपनी बाहों को अपने शरीर के बगल में रखें। सांस लेते हुए अपने पैरों और हाथों को जमीन से ऊपर उठाएं। इस मुद्रा में 10-30 सेकंड तक रहें।

5. सेतु बंधासन

पीठ के बल लेटें। अपने घुटनों को मोड़ें और अपने पैरों को जमीन पर सपाट रखें। सांस लेते हुए अपने कूल्हों को जमीन से ऊपर उठाएं। अपनी बाहों को अपने शरीर के बगल में रखें। इस मुद्रा में 10-30 सेकंड तक रहें।

इन योगासनों को करने के कुछ सुझाव जान लें

  • योगासन करने से पहले वार्म-अप करना ज़रूरी है।
  • योगासन करते समय अपनी सांस पर ध्यान दें।
  • अपनी सीमा से ज़्यादा ज़ोर न लगाएं।
  • यदि आपको कोई चोट या स्वास्थ्य समस्या है, तो
  • योगासन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

    डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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