कॉम्प्रिहेंसिव मल्टी-सेक्टोरल रूरल प्रॉस्पेरिटी एंड रेजिलियंस प्रोग्राम के तहत कृषि में रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास, निवेश और तकनीक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में माइग्रेशन को कम करना और रोज़गार के संसाधनों को बढ़ाना है। इसके तहत ग्रामीण महिलाओं, युवाओं, सीमांत एवं छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों पर विशेष फोकस किया जाएगा।
पहले चरण में 100 कृषि जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए योजनाएं लागू की जाएंगी। साथ ही, खाद्य तेल (एडिबल ऑयल) में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। पिछले कुछ वर्षों में दलहन की खेती के क्षेत्र में वृद्धि देखी गई है, जिससे खाद्य उत्पादन को और अधिक मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।