अशोकनगर: महाशिवरात्रि पर दूल्हा बने भोलेनाथ, बाराती बना पूरा शहर

अशोकनगर: महाशिवरात्रि पर दूल्हा बने भोलेनाथ, बाराती बना पूरा शहर

अशोकनगर, हितेन्द्र बुधौलिया। महाशिवरात्रि के पर्व पर अशोकनगर में शिव बारात का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। 2 वर्ष से कोरोना के कारण सीमित हुए आयोजन के बाद, इस बार यह भव्य और व्यापक ( magnificent and comprehensive) स्वरूप में आयोजित किया गया। बीते कुछ वर्षों से शुरू की गई शिव बारात अब व्यापक रूप धारण करने लगी है। नेहरू पार्क के शिव गौरी मंदिर से बारात की शुरुआत हुई, जो सुभाष गंज, स्टेशन रोड, गांधी पार्क, विदिशा रोड, और प्रोसेसन रोड से  होते हुए, फिर से शिव गौरी मंदिर पर खत्म हुआ।

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इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भाग लिया। बारात का जगह-जगह पर स्वागत किया गया। भोलेनाथ की प्रतिमा (idiol)  पालकी में विराजमान थी।दूल्हे के रूप में पूरे शहर के भ्रमण पर निकले भोलेनाथ की बारात का शहर भर ने फूलों से बरसात कर स्वागत किया। कई अलग-अलग संगठनों के द्वारा बारात के स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए। बारात में नदी पर विराजे भगवान शिव दूल्हे के रूप में थे, साथ में पूरा शहर बाराती के रूप में नाचते गाते निकल रहा था। ढोल एवं बैंड पर गीत गाए जा रहे थे।

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रसीला चौराहे पर पछार क्लब ने विधायक जजपाल सिंह जज्जी के साथ बारात का स्वागत किया। इस दौरान बारातियों को खीर का प्रसाद दिया गया, साथ ही बारात पर फूलों से बरसात की गई। आयोजन के संयोजक महेंद्र भारद्वाज ने बताया कि, इस सब बारात का सबसे उल्लेखनीय पहलू यह है, इसमें समाज के सभी वर्गों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। खासकर युवाओं ने लगातार बैंड और बाजों की धुन पर नृत्य (dance) किया। किन्नरों (transgenders) ने आयोजन भागीदारी की किन्नर गुरु चांदनी मौसी के नेतृत्व किन्नर समुदाय ने भगवान शिव के बारात में जामकर, नाचगाना किया और लोगों को शिव विवाह की बधाइयां दी।

Manisha Kumari Pandey
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