जीतू पटवारी का आरोप, भ्रष्टाचार छिपाने के लिए भाजपा सरकार ने लगाई आग, उमंग सिंघार ने भी कसा तंज

जीतू पटवारी का आरोप, भ्रष्टाचार छिपाने के लिए भाजपा सरकार ने लगाई आग, उमंग सिंघार ने भी कसा तंज

MP Vallabh Bhawan fire : वल्लभ भवन की आग के बाद सियासी लपते भी तेज हो गई हैं, दमकल से जुड़े अधिकारी  आग पर काबू करने के बाद आग के कारणों का पता लगाने की कोशिश में हैं और सरकार के अधिकारी इससे हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं लेकिन कांग्रेस ने इसकी वजह बता दी है, कांग्रेस ने कहा ये सरकारी आग है और भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार छिपाने के लिए आग लगाई है।

वल्लभ भवन की आग के बाद सियासत गरमाई 

वल्लभ भवन में लगी आग के बाद कांग्रेस अब सरकार पर हमलावर हो गई है, आग की घटना के बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार दोनों वल्लभ भवन के बाहर पहुंचे और मीडिया से बात की, जीतू पटवारी ने आग को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाये उन्होंने सरकार पर ही आग लगाने के गंभीर आरोप लगाये ।

पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष पहुंचे मंत्रालय 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा शासन में ये पांचवी बार है जब वल्लभ भवन और सतपुड़ा भवन में आग लगी लेकिन पिछले चार बार की आग का दोषी कौन? कौन सी फाइलें जलीं ? कौन से विभाग की फाइलें जलीं? कोई नहीं जानता, किसी पर कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए हमें अब इस आग के बाद आना पड़ा है।

जीतू पटवारी बोले ये सरकारी आग है, लगी नहीं, लगाई है  

जीतू पटवारी ने कहा कि ये आग भाजपा के पर्ची वाले और करप्शन, कर्ज और क्राइम वाले मुख्यमंत्री द्वारा लगाई गई आग है ये सरकारी आग है, उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार छिपाने के लिए भाजपा सरकार ने ही वल्लभ भवन में आग लगाई है , नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी वल्लभ भवन की आग पर सरकार को घेरा ।

[dgv_vimeo_video id=”921434692″]

उमंग सिंघार ने आग को मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान के बीच के झगड़े का परिणाम बताया, नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान अपने घोटालों की फाइलें जला रहे हैं जिससे मोहन यादव इसकी जाँच नहीं करा सकें, भाजपा का अंदरूनी झगडा आप वल्लभ भवन की आग के रूप में देख रहे हैं इससे जनता का ही नुकसान है ।

[dgv_vimeo_video id=”921434771″]

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews