बीजेपी ने पितृपुरुष कुशाभाऊ को जन्मजयंती पर ऐसे किया याद, मनेगा “संगठन पर्व”

बीजेपी ने पितृपुरुष कुशाभाऊ को जन्मजयंती पर ऐसे किया याद, मनेगा “संगठन पर्व”

इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश से गहरा नाता रखने वाले और यूपी की राजनीति में तीन बड़े नेता कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और कलराज मिश्र को देश की राजनीति में खड़ा करने वाले कुशाभाऊ ठाकरे (Kushabhau Thackeray) का जन्मजयंती कार्यक्रम इंदौर में आयोजित किया गया। भारतीय जनता पार्टी(BJP) के पितृ पुरुष, कुशल संगठनकर्ता, कुशाभाऊजी ठाकरे की जन्मजयंती के अवसर पर डीआरपी लाइन, भंडारी पुल के पास, शांतिपथ स्थित प्रतिमा पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं व प्रमुख कार्यकर्ताओं ने उन्हें माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस मौके पर बीजेपी के कुशल संगठक कृष्णमुरारी मोघे ने बताया कि 40 से 50 के दशक के बीच जनसंघ से जुड़कर ठाकरे जी ने कार्यकर्ताओ को जोड़ने का काम किया और तब से लेकर अंतिम समय तक उन्होंने बीजेपी को कई ऐसे कार्यकर्ताओ दिए जो आज बड़े राजनेता है।

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वहीं सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि ये पूरा वर्ष “संगठन पर्व” के रूप में मनाया जाएगा और वो खुशनसीब हैं कि उन्हें कुछ समय के लिए कुशाभाऊ ठाकरे जी  के नेतृत्व में कार्य करने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश से उनका गहरा नाता रहा है और गांव – गांव में जाकर उन्होंने हजारों कार्यकर्ता खड़े किए हैं और यही वजह है कि देश में संगठन के मामले में मध्यप्रदेश मॉडल को सराहा जाता है।

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बीजेपी के एक वर्षीय “संगठन पर्व” का आगाज आज से हो चुका है। इस मौके पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर और बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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