सिपाही को गोली मारने वाला पकड़ा, लूट करने के बाद जयपुर, जोधपुर जाते थे अय्याशी करने

सिपाही को गोली मारने वाला पकड़ा, लूट करने के बाद जयपुर, जोधपुर जाते थे अय्याशी करने

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। लूट (Loot) की वारदात को रोकने गए पुलिस के सिपाही (Policemen) पर गोली चलाने वाले बदमाश को पुलिस (Gwalior Police) ने गिरफ्तार कर लिया है। ग्वालियर में लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के दो सदस्य पुलिस पहले ही पकड़ चुकी है।  यही गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पूछताछ में बदमाशों ने खुलासा किया कि वे दो तीन लूट की वारदात के बाद माल को ठिकाने लगाने के बाद मिले पैसों से अय्याशी करने जयपुर जोधपुर जाते थे और यहाँ महंगे होटल, पब, बार में ऐश करते थे।

जानकारी के मुताबिक गोला का मंदिर पुलिस को पिछले दिनों सिपाही को गोली मारने वाले बदमाश की लोकेशन मिली थी।  पुलिस ने सूचना को पुख्ता कर घेराबंदी की और बदमाश को पकड़ लिया। पूछताछ में बदमाश ने स्वीकार किया कि 14 अगस्त को उसने ही लूट करते समय उसे रोकने पर सिपाही अजय भदौरिया पर गोली चलाई थी।

ये भी पढ़ें – हाई प्रोफाइल Sex Racket का खुलासा, लोगों ने की संचालक की पिटाई, आपत्तिजनक सामान के साथ 5 गिरफ्तार

गौरतलब है कि इनके दो साथियों को पड़ाव पुलिस ने काँटी नगर में चेन स्नेचिंग की वारदात के बाद  24 घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में दोनों बदमाशों ने शहर में तीन लूट का खुलासा किया था।  गिरफ्तार तीसरे साथी ने भी एक लूट का खुलासा किया है।

ये भी पढ़ें – चेन लूट के तीन आरोपी पुलिस गिरफ्त में, सामने आया लॉक डाउन का इफेक्ट

पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे दो तीन लूट करने के बाद माल को ठिकाने लगा देते थे और फिर उनसे मिले पैसों से महंगे ब्रांडेड जूते,कपड़े आदि खरीदते थे और पैसों से अय्याशी करने जयपुर जोधपुर जाते थे यहाँ महंगे होटल, पब बार में जाकर ऐश करते थे। पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है।  उम्मीद है कि कुछ और वारदातों का खुलासा हो जाये।

ये भी पढ़ें – पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर तबादले, SP ने जारी किया आदेश, देखिये लिस्ट

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews