Lokayukta Raid : तहसील कार्यालय में पटवारी ले रहा था रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Lokayukta Raid : तहसील कार्यालय में पटवारी ले रहा था रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Lokayukta Raid in Chhindwara:  लगातार एक्शन के बाद भी शासकीय सेवक रिश्वत लेने से नहीं घबराते, लोकायुक्त पुलिस ने आज एक बार फिर छापा मारते हुए एक रिश्वतखोर पटवारी को 5000/- रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक राजाखोह निवासी अनिल सरयाम नमक आवेदक ने जबलपुर लोकायुक्त एसपी कार्यालय में शिकायत की थी, इस शिकायत में उन्होंने कहा था कि उनकी जमीन के सीमांकन के बदले छिंदवाड़ा की तहसील राजाखोह में पदस्थ पटवारी सुशील सराठे रिश्वत की मांग कर रहा है।

लोकायुक्त पुलिस जबलपुर की टीम ने शिकायत की तस्दीक के लिए आवेदक को एक टेप रिकॉर्डर दिया और पटवारी और आवेदक की बातचीत में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई तो फिर ट्रेप की प्लानिंग की गई।

ट्रेप की प्लानिंग के तहत आज लोकायुक्त पुलिस की टीम आवेदक अनिल के साथ राजाखोह तहसील कार्यालय गई, पटवारी द्वारा आवेदक अनिल को अपने कार्यालय में ही मिलने बुलाया था। आवेदक अनिल सरयाम पटवारी सुशील सराठे के पास के पास पहुंचा और उसे रिश्वत की राशि 5000/- रुपये दे दी।

रिश्वत की राशि पटवारी सुशील सराठे को देने के बाद आवेदक अनिल ने बाहर मौजूद लोकायुक्त पुलिस जबलपुर की टीम को इशारा कर दिया, इशारा मिलते ही लोकायुक्त की टीम तहसील कार्यालय में अन्दर आ गई और छापा मारते हुए पटवारी सुशील सराठे को पकड़ लिया।

लोकायुक्त की टीम ने पटवारी सुशील सराठे के पास से रिश्वत के रूप में लिए गए 5000/- रुपये बरामद किये, जब पुलिस ने उसके हाथ धुलवाए तो वे गुलाबी हो गए क्योंकि जो रिश्वत की राशि के रुपये पटवारी को दिए गए थे उसपर लोकायुक्त पुलिस ने कैमिकल लगा दिया था। पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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