ईलाज के दौरान मरीज की मौैत के बाद परिजनों का हंगामा, अस्पताल पर लगाया शव नहीं देने का आरोप

ईलाज के दौरान मरीज की मौैत के बाद परिजनों का हंगामा, अस्पताल पर लगाया शव नहीं देने का आरोप

जबलपुर/ संदीप कुमार। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्यवाही कर रहा है, पर स्वास्थ्य विभाग का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है। बड़े अस्पतालों में भी झोलाछाप डॉक्टर ही ज्यादातर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। ताजा मामला जबलपुर के एक निजी अस्पताल का है जहां जूनियर डॉक्टरों के इलाज करने और लापरवाही बरतने के चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जब हम मरीज को अस्पताल लाए थे, तब वह ठीक था पर इलाज करने के महज 10 मिनट के भीतर ही मरीज की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि त्रिमूर्ति नगर में रहने वाले संतोष साहू को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। लिहाजा उसे आगा चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। ईलाज शुरू होने के बाद जहां उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में एक भी सीनियर डॉक्टर नहीं था और जूनियर डॉक्टर जिन्हें की ज्यादा जानकारी ही नहीं थी वह इलाज कर रहे थे। अस्पताल में मरीज की 10 मिनट के अंतराल में ही मौत हो गई। इधर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को जब लाया गया था तब उसकी हालत काफी खराब थी, वह सांस भी नहीं ले पा रहा था और हमारे डॉक्टरों ने उसको बचाने की भरपूर कोशिश भी की, पर उसे नहीं बचाया जा सका। अस्पताल में लगातार हो रहे हंगामे को देखते हुए लॉर्डगंज थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने पुलिस से शिकायत की है कि अस्पताल प्रबंधन रुपए की लगातार मांग कर रहा है और यह भी कहा जा रहा है कि जब तक पूरे पैसे जमा नहीं कर दिए जाएंगे तब तक शव नहीं दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने परिजनों को समझाइश देकर शांत करवाया और फिर उन्हें शव सौंप दिया।

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निदेशक और संपादक

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