मध्य प्रदेश को मिलेंगे 2 और नए जिले! कैबिनेट में जल्द आ सकता है प्रस्ताव, लंबे समय से उठ रही है मांग

मध्यप्रदेश के मौजूदा जिलों में और बदलाव करने के लिए तैयारी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो इस बदलाव में बीना और जुन्नारदेव (Bina and Junnardev) को नए जिले बनाने की मान्यता मिल सकती है।हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
CM Mohan Yadav

New District in Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश वासियों के लिए एक अच्छी खबर है।प्रदेश को 2 और नए जिले मिलने वाले है। खबर है कि प्रदेश की मोहन यादव सरकार सितंबर में बीना और जुन्नारदेव को जिला बनाने का ऐलान कर सकती है। इसका प्रस्ताव 3 सितंबर को होने वली कैबिनेट बैठक में भी आ सकता है।अगर ऐसा हुआ तो प्रदेश में जिलों की संख्या 55 से बढ़कर 57 हो जाएगी।हालांकि अभी अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

जानकारी के अनुसार, मोहन यादव सरकार मध्यप्रदेश की सीमाओं और भौगोलिक स्थिति के लिहाज से जिला सीमाओं में बदलाव करने की तैयारी में है। इसके तहत बीना और जुन्नारदेव को नया जिला बनाया जा सकता है। इसका प्रस्ताव 3 सितंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक (Cabinet meeting) आ सकता है, यहां से स्वीकृति मिलने के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

लंबे समय से उठ रही बीना-जुन्नारदेव को जिला बनाने की मांग

  • बता दे कि लंबे समय से जुन्नारदेव और बीना को जिला बनाने की मांग की जा रही है। खास करके साल 1986 से लगातार बीना को जिला बनाए जाने की मांग हो रही थी। कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में गई निर्मला सप्रे ने भी राज्य सरकार से इसको लेकर मांग की थी।
  • जुलाई में छिंदवाड़ा जिले का फिर एक हिस्सा अलग करके जुन्नारदेव को जिला बनाने के लिए कलेक्टर से प्रस्ताव मांगा गया था।चुंकी लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा  प्रत्याशी और वर्तमान सांसद विवेक बंटी साहू ने इसकी मांग सीएम मोहन यादव से की थी, जिसके बाद राजस्व विभाग ने छिंदवाड़ा कलेक्टर से नए जिले के गठन के संबंध में प्रतिवेदन मांगा था।
  • यदि नया जिला बन जाता है तो छिंदवाड़ा लोकसभा 3 जिलों (छिंदवाड़ा पांढुर्ना जुन्नारदेव)में विभाजित हो जाएगा। छिंदवाड़ा जिले में जुन्नारदेव को मिलाकर 12 तहसील शेष हैं।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews