Agnipath Protest : केंद्रीय मंत्री तोमर का बड़ा बयान, गुमराह करने वालों से बचें, चार साल में हीरा बनकर निकलेगा युवा

Agnipath Protest : केंद्रीय मंत्री तोमर का बड़ा बयान, गुमराह करने वालों से बचें, चार साल में हीरा बनकर निकलेगा युवा

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। केंद्र सरकार की सेना भर्ती को लेकर आई नई योजना अग्निपथ (Agnipath) को लेकर देशभर में हंगामा (Agnipath Protest) हो रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने युवाओं से अपील की कि भ्रमित करने वाले और गुमराह करने वाले लोगों से बचें, उन्होंने कहा कि जब युवा Agnipath योजना में ट्रेनिंग कर चार साल बाद निकलेगा तो हीरा बनकर निकलेगा, उसके लिए रास्ते बंद नहीं हुए है बल्कि और खुले हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Union Minister Narendra Singh Tomar) शुक्रवार को ग्वालियर (Gwalior News) पहुंचे , वे यहाँ भाजपा महापौर पास की प्रत्याशी सुमन शर्मा का नामांकन भरवाने आये हैं।  रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री का जोरदार स्वागत किया। मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अग्निपथ योजना एक दीर्घगामी योजना है अउ रमानव संसाधन को स्किल्ड बनाने की योजना है।

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योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना में 46,000 युवा हर साल ट्रेनिंग के लिए सेना में जायेंगे जो सेना में जाना चाहेगा वो सेना में जाये जो अन्य कहीं जाना चाहे वहां जाये , रास्ते बंद नहीं हुए हैं बल्कि और खुले हैं।  तोमर ने कहा सरकार के खर्चे पर वेतन के साथ युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है ये आजादी के 75 साल बाद पहली बार हो रहा है।

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उन्होंने युवाओं से अपील की कि आपको इसपर गर्व होना चाहिये, चार साल बाद युवा सेना की ट्रेनिंग लेकर हीरा बनकर निकलेगा।  एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि जब भी देश में कुछ अच्छा होता है विपक्ष के लोग भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं लोगों को गुमराह करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि भ्रमित करने वालों से सावधान रहें और शांति बनाये रखें।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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