Gwalior News : खाना बनाते समय फटा सिलेंडर, पूरा परिवार झुलसा, हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती

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Gwalior News : ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एक घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फटने से पूरा परिवार झुलस गया, आग लगने से पति पत्नी और तीन बच्चे घायल हो गए जिन्हें जयारोग्य अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है, सभी की हालत बहुत गंभीर बताई जा रही है।

खाना बनाते समय हादसा, पूरा परिवार झुलसा 

विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सिंधिया नगर मरघट वाली पहाड़ी पर रहने वाले अवधेश प्रजापति के घर में अज एक बड़ा हादसा हो गया, अवधेश पानी की टिक्की (पानी पूरी) का ठेला लगाता है, वो ठेला ले जाने की तैयारी कर रहा था और पत्नी गुड्डी घर में खाना बना रही थी, घर में 17 साल की बड़ी बेटी रेशमा, छोटी बेटी 7 साल की कुसुम और 5 साल का बेटा राज भी थे।

पड़ोसियों का कहना, करंट से टीनशेड गिरा जिससे सिलेंडर फटा 

बताते हैं कि अवधेश के मकान पर पक्की छत नहीं है टीनशेड डला हुआ है, घर के ऊपर से हाई टेंशन लाइन भी निकली हुई है, पड़ोसियों की मानें तो तेज हवा चलने से कोई चीज नीचे टीनशेड पर गिरी जिससे करेंट लगने से टीन नीचे आ गिरी जिससे सिलेंडर फट गया और आग लग गई जिसमें सब झुलस गए। धमाका इतना तेज था कि ईट की दीवारें भी गिर गई।

पति, पत्नी, तीन बच्चे झुलसे, हालत गंभीर 

उधर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को वहां से निकालकर जयारोग्य अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है, बताया जा रहा है कि घर का  मुखिया अवधेश लगभग 70 फ़ीसदी जl गे है जबकि उसकी पत्नी गुड्डी  90 फीसदी जल चुकी है। बेटी कुसुम और बेटा राज 65 से 70 फ़ीसदी जल चुके हैं,  जबकि रेशमा 50 फ़ीसदी तक जली है।

पुलिस का कहना, गैस के छोटे सिलेंडर में आग लगी

उधर सीएसपी हिना खान का कहना है कि घर में करंट जैसी या हाई टेंशन लाइन गिरने जैसे कोई बात सामने नहीं आई है , 5 किलो का गैस का सिलेंडर मिला है जिसके फटने से आग लगी, जिसमें पूरा परिवार झुलस गया, अभी वे बात करने की स्थिति में नहीं हैं पुलिस वैसे सभी बिन्दुओं पर जाँच कर रही है।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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