ऊर्जा मंत्री के जिले में किसान बिजली समस्या से बेहाल, बंगले का घेराव कर दी ये बड़ी चेतावनी

ऊर्जा मंत्री के जिले में किसान बिजली समस्या से बेहाल, बंगले का घेराव कर दी ये बड़ी चेतावनी

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। “दिया तले अंधेरा” वाली कहावत तो आपने सुनी होगी। ऐसा ही कुछ ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह  तोमर (Energy Minister Pradyuman Singh Tomar) के जिले ग्वालियर (Gwalior News) में किसानों के साथ हो रहा है। हम ये कोई आरोप नहीं लगा रहे बल्कि ये उन किसानों की आवाज है जो लम्बे समय से बिजली समस्या से जूझ रहे हैं। आज उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बंगले का घेराव कर अपना आक्रोश जताया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि वे अँधेरे में सोयेंगे तो मंत्री जी को भी आराम से नहीं रहने देंगे।

प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं बताने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बंगले के बाहर उनके ही गृह जिले ग्वालियर के किसानों ने प्रदर्शन (farmers’ protest) कर हकीकत बताई। किसानों ने कहा कि गांवों में लम्बे समय से लाइट नहीं है, किसान पानी के लिए परेशान है, बाकी काम भी बंद पड़े हुए हैं।

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मध्य प्रदेश किसान सभा के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में शामिल किसान नेता अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों की कोई नहीं सुनता, बिजली कंपनी के अधिकारी सुनते नहीं हैं ऊर्जा मंत्री ध्यान नहीं देते।  किसानों को लाखों रुपये के फर्जी बिल थमा दिए हैं।

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उन्होंने कहा कि यदि पांच दिन में समस्या दूर नहीं हुई तो ऊर्जा मंत्री के बंगले पर रोज ग्वालियर जिले के किसान धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हम अंधेरे में सोयेंगे तो मंत्री जी को भी आराम से नहीं रहने देंगे।  किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन भी सौंपा।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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